सूरत शहर के डिंडोली इलाके में एक ज्वेलरी शॉप में हुई लाखों रुपये की लूट की घटना ने उस समय सनसनी फैला दी थी, लेकिन पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को हैरान कर दिया. यह लूट किसी बाहरी बदमाश ने नहीं, बल्कि दुकान के मालिक ने खुद अपने ड्राइवर से करवाकर फर्जी कहानी रची थी. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.
दरअसल, घटना 26 फरवरी 2026 की दोपहर की है. डिंडोली-कराडवा रोड स्थित श्रीनाथ रेजीडेंसी में मौजूद महालक्ष्मी ज्वेलर्स में करीब पौने दो बजे एक नकाबपोश व्यक्ति घुस आया. उसने दुकान के मैनेजर को धारदार सरिए जैसे हथियार से डराया और डिस्प्ले में रखी 22 चांदी की मूर्तियां तथा लॉकर से 24 जोड़ी सोने की बालियां लेकर फरार हो गया. लूटे गए सामान की कीमत करीब 30.57 लाख रुपये बताई गई थी. भरे बाजार में हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए डिंडोली पुलिस और सूरत क्राइम ब्रांच की टीमें जांच में जुट गईं.
80 सीसीटीवी कैमरे खंगाले
पुलिस ने घटना के बाद आसपास के 70 से 80 सीसीटीवी कैमरों की जांच की. साथ ही पुराने मुखबिरों और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली गई. जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सूचना मिली कि इस पूरी वारदात के पीछे दुकान के मालिक की ही साजिश हो सकती है. सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई, जिसमें सामने आया कि ज्वेलर्स का मालिक नारायण शंकर पालीवाल भारी कर्ज में डूबा हुआ था और लेनदारों का दबाव लगातार बढ़ रहा था.
मालिक ने ही रची थी पूरी साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि कर्ज से बचने और अपनी आर्थिक स्थिति खराब दिखाने के लिए मालिक ने फर्जी लूट की योजना बनाई थी. उसने अपने ड्राइवर जितेंद्र कुमार उर्फ किशोर डांगी को इस काम के लिए तैयार किया था. ड्राइवर को इसके बदले 4 से 5 लाख रुपये देने और गांव में मकान बनवाने का लालच दिया गया था. लूट को असली दिखाने के लिए मालिक ने पहले ही तिजोरी में नकली गहने रख दिए थे, ताकि घटना के बाद पुलिस और लेनदारों को लगे कि असली सोना लूट लिया गया है.
राजस्थान से गिरफ्तार हुआ ड्राइवर
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ड्राइवर लूट के बाद राजस्थान भाग गया है और बिछीवाड़ा इलाके के पास एक होटल में ठहरा हुआ है. इसके बाद डिंडोली पुलिस की टीम तुरंत राजस्थान रवाना हुई और आरोपी को गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के पास रतनपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में ड्राइवर ने अपराध कबूल कर लिया और लूट का पूरा सामान भी बरामद कर लिया गया.
नकली निकला ‘सोना’
जब बरामद गहनों की जांच कराई गई तो एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जिन बालियों को सोने का बताया गया था. वे असली सोने की नहीं बल्कि पीली धातु की नकली बालियां थीं. इससे साफ हो गया कि पूरी घटना पहले से सोची-समझी साजिश थी.
मालिक फरार, तलाश जारी
सूरत पुलिस के अनुसार, इस मामले में ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है. वहीं, महालक्ष्मी ज्वेलर्स का मालिक नारायण शंकर पालीवाल फिलहाल फरार है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और मामले की आगे की जांच जारी है.
रिपोर्टर: संजय सिंह
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