सूरत के भागल-नवापुरा इलाके में ज्वेलरी शॉप पर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाली तीन महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है. महिधरपुरा थाना पुलिस ने तीनों महिलाओं को पकड़ा है. पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार महिलाओं के खिलाफ महाराष्ट्र के मुंबई और नासिक में भी चोरी के मामले दर्ज हैं. पुलिस के मुताबिक, महिलाएं बुर्का और नकाब पहनकर ज्वेलरी शॉप में ग्राहक बनकर प्रवेश करती थीं. दुकान में पहुंचने के बाद वे अलग-अलग तरह के सोने-चांदी के आभूषण दिखाने के लिए कहती थीं. इस दौरान दुकानदार या कारीगर को बातचीत में उलझाए रखती थीं. जैसे ही कारीगर या दुकानदार की नजर कुछ देर के लिए दूसरी तरफ होती, महिलाएं मौका देखकर महंगे आभूषण अपने पास छिपा लेती थीं और कुछ ही समय बाद दुकान से निकल जाती थीं. चोरी का तरीका इतना शातिर था कि घटना के तुरंत बाद दुकानदार को चोरी का पता नहीं चलता था.
24 अगस्त को न्यू ए.के. ज्वेलर्स में हुई थी चोरी
गत 24 अगस्त को सूरत के भागल-नवापुरा के टावर रोड स्थित पिपल्स बैंक के पास 'न्यू ए.के. ज्वेलर्स' में चोरी हुई थी. दोपहर करीब 2:00 से 2:30 बजे के बीच बुर्का पहने और चेहरा ढके हुए तीन अज्ञात महिलाएं दुकान पर पहुंची थीं. दुकान के मालिक मोहम्मद अशरफ चांदीवाला ने पुलिस को बताया कि महिलाओं ने वहां मौजूद कारीगर कासिम भाई से नाक में पहनने वाली नथ दिखाने को कहा. कारीगर अलग-अलग प्रकार की नथ दिखा रहा था. इसी दौरान जब वह दुकान के अंदर कुछ और सामान लेने गया, तो महिलाओं ने खुले हुए ड्रॉअर से नथ की डिब्बी चुरा ली और उसे कपड़ों में छिपाकर वहां से निकल गईं.
पुलिस के मुताबिक, महिलाओं ने दुकान से करीब 45 ग्राम सोने की नथ चोरी की थी. चोरी किए गए आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है. वहीं, मामले की जांच में डिस्प्ले और कैबिनेट से सोने के आभूषणों के लगभग 325 नग चोरी होने की बात भी सामने आई है. इनमें सोने की जड़/नथ के आभूषण और करीब 50 नग नथनी शामिल थीं.
सीसीटीवी फुटेज से मिला महिलाओं का सुराग
मालिक के वापस आने और हिसाब मिलाने पर नथ गायब होने की जानकारी प्राप्त हुई. इसके बाद महिधरपुरा थाना पुलिस में चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने दुकान और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए 4-5 अलग-अलग ऑटो रिक्शा बदले थे. इसके बाद वे भेस्तान, उन पाटिया, लिंबायत और मीठी खाड़ी होते हुए फरार हुई थीं. तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को तीन संदिग्ध महिलाओं के बारे में सुराग मिला. इसके बाद अलग-अलग पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए तीनों महिलाओं को भेस्तान स्थित राहत सोसायटी से हिरासत में लिया और गिरफ्तार कर लिया. वर्तमान में तीनों पुलिस रिमांड पर हैं.
गिरफ्तार महिलाओं की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आयरीन बानो उर्फ सुमैया मोहम्मद दानिश अंसारी, उम्र 33 वर्ष, निवासी राहुल सोसायटी, उनपाटिया, सूरत; यास्मीन अजहर खान, उम्र 39 वर्ष, निवासी मछली बाजार, मालेगांव, नासिक, महाराष्ट्र और नाजिया इसराइल शेख, उम्र 30 वर्ष, निवासी सलीमनगर, मालेगांव, महाराष्ट्र के रूप में हुई है. पुलिस पूछताछ में आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है. आरोपी यास्मीन अजहर खान के खिलाफ नासिक रूरल के रमजानपुरा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है. वहीं, मुंबई के भायखला पुलिस स्टेशन में भी उसके खिलाफ चोरी का मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. इसी तरह आरोपी नाजिया के खिलाफ महाराष्ट्र के मुंबई के मुलुंड और भायखला पुलिस स्टेशनों में चोरी के मामले दर्ज पाए गए हैं. पुलिस के अनुसार नाजिया के खिलाफ मुंब्रा पुलिस स्टेशन में भी आपराधिक मामला दर्ज है.
चोरी के आभूषण समेत सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी के आभूषणों के अलावा अन्य सामान भी बरामद किया है. उनके पास से सोने जैसे पीली धातु के 4 नग आभूषण, हीरा जड़ित बालियां, कपड़े और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. बरामद सामान की कुल कीमत करीब 31,500 रुपये बताई गई है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया है. चोरी किए गए बाकी आभूषणों और गिरोह की अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ के लिए रिमांड की कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस महिला गिरोह के साथ और कितने लोग जुड़े हुए हैं. साथ ही सूरत के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र में इस गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है, इसकी भी जांच की जा रही है.
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