राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के झुंझुनू जिले के खीरोड़ गांव के रहने वाले पूर्व सैनिक दशरथ सिंह आज पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं. एक साधारण किसान परिवार में जन्म लेने वाले दशरथ सिंह ने 55 साल की उम्र में 138 डिग्रियां हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ इलाके बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है.
सेना में सेवा के साथ जारी रखी पढ़ाई
दशरथ सिंह ने साल 1988 में भारतीय सेना ज्वाइन की थी और करीब 16 साल तक पंजाब, जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में देश की सेवा की. खास बात यह रही कि उन्होंने सेना में रहते हुए भी अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी. हर साल मिलने वाली 2 महीने की छुट्टी का इस्तेमाल वे पढ़ाई और परीक्षाएं देने में करते थे.
रिटायरमेंट के बाद शिक्षा पर पूरा फोकस
साल 2004 में सेना से रिटायर होने के बाद उन्होंने पूरी तरह से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर दिया. लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने बीकॉम, एलएलबी, एलएलएम, बीजेएमसी, बीएड समेत कई डिग्रियां हासिल कीं. उनके मुताबिक, उन्होंने अलग-अलग विश्वविद्यालयों जैसे इग्नू, जैन विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों से पढ़ाई पूरी की.
138 डिग्रियां और कई वर्ल्ड रिकॉर्ड
दशरथ सिंह का दावा है कि उन्होंने अब तक 3 पीएचडी, 7 ग्रेजुएशन डिग्री, 46 पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री, 23 डिप्लोमा, 7 मिलिट्री स्टडीज डिग्री और 52 सर्टिफिकेट हासिल किए हैं. उनकी इस उपलब्धि के चलते उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 11 वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाए हैं. उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है.
संघर्षों के बीच बनी सफलता की कहानी
दशरथ सिंह का बचपन आर्थिक तंगी में बीता. उन्होंने सरकारी स्कूल से दसवीं तक पढ़ाई की, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार आगे बढ़ते रहे.
सेना में रहते हुए वे लीगल एडवाइजर के रूप में भी काम कर चुके हैं. फिलहाल वे सेवारत और रिटायर्ड सैनिकों से जुड़े कानूनी मामलों को संभाल रहे हैं. उनकी कहानी आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो उम्र और परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बनतीं.
(रिपोर्ट- हिमांशु शर्मा)
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