दिल्ली शहर जितना ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से भरा है, उतना ही रहस्यमयी और खौफनाक किस्सों से भी जुड़ा हुआ है. यहां कई ऐसी जगहें हैं जिनमें आज भी अनगिनत अनकहे राज दबे हुए हैं. इन जगहों पर लोगों ने समय-समय पर ऐसे अनुभव होने का दावा किया है, जिन्हें याद करके भी उनकी रूह कांप उठती है.
लोग आज भी इन लोकेशनों पर जाने से पहले 1 या दो नहीं बल्कि सौ बार सोचते हैं, क्योंकि यहां का माहौल नॉर्मल नहीं माना जाता. आज हम आपको दिल्ली की उन पांच डरावनी जगहों के बारे में बताएंगे, जहां रात तो क्या बल्कि दिन में भी लोग कदम रखने से डरते हैं. कहा जाता है कि इन जगहों पर आज भी कुछ ऐसा महसूस होता है जो इंसानी समझ से परे है, और यही वजह है कि ये जगह आज के डेट में भी लोगों में डर और रहस्य दोनों पैदा करती है.
जमाली-कमाली मकबरा
दिल्ली के महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क में स्थित जमाली–कमाली का यह मकबरा रहस्य और डर की कहानियों से भरा है. कहा जाता है कि यहां जमाली और कमाली नाम के दो व्यक्तियों की कब्रें मौजूद हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, रात होते ही इस परिसर से अजीबोगरीब आवाजें सुनाई देती हैं. कई लोग दावा करते हैं कि यहां से गुजरते समय अचानक ऐसा महसूस होता है जैसे कोई भारी और तेज आवाज में पीछे से पुकार रहा हो, जबकि आसपास कोई दिखाई नहीं देता.
इसी वजह से लोग शाम ढलने के बाद इस इलाके में जाने से कतराते हैं. इन्हीं दावों ने इस स्थान को और भी रहस्यमय बना दिया है.
बहादुर शाह जफर का खूनी दरवाजा
शुरुआत में इस ऐतिहासिक दरवाजे का नाम 'काबुली दरवाजा' था, लेकिन यहां हुए कत्लेआम और सियासी खूनी खेल ने इसे 'खूनी दरवाजा' बना दिया. बहादुरशाह ज़फर मार्ग पर स्थित इस दरवाजे ने इतिहास के कई भयावह पल अपनी आंखों से देखे, चाहे वह नादिर शाह द्वारा किया गया नरसंहार हो, औरंगजेब द्वारा शिकोह का सिर यहां प्रदर्शित करवाना हो, या 1857 में अंग्रेजों द्वारा बहादुर शाह जफर के बेटों और पोते की निर्मम हत्या हो. लोगों ने दावा किया है कि आज भी यहां उनके बच्चों की रूहें भटकती हैं. कई बार तो लोगों ने यह दावा भी किया कि शाम ढलते ही यहां एक अजीब-सी बेचैनी और असामान्य घटनाएं महसूस होती हैं.
खूनी नदी
दिल्ली के रोहिणी इलाके में मौजूद यह नदी आज भी लोगों में दहशत पैदा करती है. इसका नाम 'खूनी नदी' यूं ही नहीं पड़ा. सालों पहले इस नदी के किनारे कई रहस्यमयी लाशें बरामद हुई थीं और कई अनसुलझे कत्ल इसी क्षेत्र से जुड़े पाए गए. स्थानीय लोगों के अनुसार शाम के समय नदी के पानी में एक लाल और डरावनी चमक दिखाई देती है. सन्नाटे में पानी की यह बदलती रोशनी इतनी भयावह लगती है कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जाएं.
मालचा महल
दिल्ली के रिट्ज होटल के पास जंगल के बीचों-बीच स्थित मालचा महल का नाम आते ही लोगों के मन में एक डरावना सन्नाटा पसर जाता है. यह महल अवध के नवाब वाजिद अली शाह के वंशजों का था. कहा जाता है कि दशकों पहले यहां रहने वाली राजकुमारी और राजकुमार की जिंदगी बेहद दुख और अकेलेपन में बीती, और उनकी मौत के बाद यह जगह और भी सुनसान और डरावनी हो गई. आए दिन लोग दावा करते हैं कि यहां से गुजरते समय किसी के कदमों की आहट सुनाई देती है या अचानक ठंडी हवा का तेज थपेड़ा महसूस होता है.
मालचा महल का सुनसान वातावरण और इसके इतिहास से जुड़े किस्से इसे आज भी दिल्ली की सबसे भयानक जगहों में शामिल करते हैं.
दिल्ली कैंट का 'लेडी इन व्हाइट' रोड
दिल्ली कैंट का यह इलाका रात के समय बिल्कुल वीरान और घने पेड़ों से ढका रहता है. लोगों का दावा है कि यहां एक सफेद साड़ी में एक महिला अकसर दिखती है, जो राह चलते वाहनों के सामने अचानक आ जाती है. कई बाइक सवारों और कार चालकों ने बताया कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि कोई तेजी से उनका पीछा कर रहा हो. हालांकि पलटकर देखने पर वहां कोई नहीं होता. यही वजह है कि दिल्ली कैंट रोड को लोग रात में पार करने से डरते हैं और इसे दिल्ली की सबसे रहस्यमयी जगहों में गिनते हैं.
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