शारदीय नवरात्रि में देशभर में मां दुर्गा की भक्ति और गरबा की धूम है. मंदिरों से लेकर पंडालों तक भक्त माता की आराधना कर रहे हैं. लेकिन मध्य प्रदेश के उज्जैन की भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में गरबा का एक ऐसा नजारा सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है. यहां जेल में बंद पुरुष कैदी महिलाओं के कपड़े पहनकर और श्रृंगार करके गरबा करते नजर आ रहे हैं. इस आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
जेल में गरबा, पुरुष कैदियों ने पहने महिलाओं के कपड़े
दरअसल, भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है. जेल परिसर में हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इन कार्यक्रमों में बंदी अपने हुनर का प्रदर्शन करते हैं. ढोल की थाप और गरबा की धुन पर कैदी माता की आराधना करते दिखाई देते हैं. इस दौरान करीब 20 से 25 पुरुष कैदी महिलाओं की तरह तैयार होकर गरबा करते हैं. बताया गया है कि इन कैदियों ने पूरे साल गरबा सीखा है और नवरात्रि के दौरान वे अपनी प्रस्तुति देते हैं. जेल प्रशासन की अनुमति से आयोजित इस कार्यक्रम में बंदी अपने ही बैंड के साथ गरबा करते हैं.
जेल प्रशासन ने क्या बताया?
जेल अधीक्षक मनोज साहू के मुताबिक, हर साल की तरह इस बार भी जेल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है. शाम को करीब एक घंटे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, जिनमें बंदी हिस्सा लेते हैं. उन्होंने बताया कि गरबा करने वाले कैदी पहले से इसकी तैयारी करते हैं और महिलाओं की वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुत करते हैं. जेल के महिला वार्ड में भी मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है, जहां महिला बंदी पूजा-अर्चना करती हैं.
वायरल वीडियो के बाद उठ रहे सवाल
जेल में पुरुष कैदियों के महिलाओं की वेशभूषा में गरबा करने का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. कुछ लोग इसे सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं. चर्चा इस बात को लेकर भी है कि कैदी अपनी इच्छा से ऐसा कर रहे हैं या यह आयोजन का हिस्सा है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी तरह के दबाव की पुष्टि नहीं हुई है.
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