उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल का स्पष्ट संदेश दिया है. दो दिवसीय लखनऊ दौरे पर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई अहम बैठकें कीं. इन बैठकों के जरिए उन्होंने साफ कर दिया कि पार्टी में बड़े नेताओं के बीच मतभेद या मनभेद की कोई जगह नहीं है और सभी को एकजुट होकर चुनाव की तैयारी करनी होगी.
योगी-केशव की मुलाकात ने खींचा ध्यान
इस दौरे की सबसे चर्चित तस्वीर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मुलाकात रही. पिछले पांच वर्षों में पहली बार दोनों नेता केशव मौर्य के आवास पर शाम के नाश्ते के दौरान साथ नजर आए. इस दौरान नितिन नवीन भी मौजूद रहे. बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी शामिल हुए. इस मुलाकात को योगी और केशव मौर्य के बीच दूरियां कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. दौरे का प्रमुख उद्देश्य भी नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाकर एकजुटता का संदेश देना था.
समन्वय बैठक में दो टूक संदेश
पार्टी की समन्वय बैठक में नितिन नवीन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपसी मतभेदों के लिए संगठन में कोई स्थान नहीं है. उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार को एक ही दिशा में काम करना होगा. केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को लेकर अब किसी तरह का संशय नहीं रहना चाहिए. 2027 के चुनाव को देखते हुए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी की तय रणनीति के अनुसार आगे बढ़ना होगा.
'कोई खुद को पार्टी से बड़ा न समझे'
बैठक के दौरान नितिन नवीन ने नेताओं को यह संदेश भी दिया कि कोई भी व्यक्ति खुद को पार्टी से बड़ा न समझे. उन्होंने साफ कहा कि पार्टी और सरकार में रहते हुए माहौल खराब कर अपनी बात मनवाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं की समस्याओं और नाराजगी को दूर करना सरकार और संगठन दोनों की साझा जिम्मेदारी है.
सभी वरिष्ठ नेताओं को एक मंच पर लाया गया
अपने दो दिवसीय दौरे में नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री से लेकर दोनों उपमुख्यमंत्रियों और पार्टी के सभी पूर्व प्रदेश अध्यक्षों को भी एक मंच पर लाने का प्रयास किया. इन दो दिनों के दौरान योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता साथ बैठकर नाश्ता करते, आम खाते और डिनर करते नजर आए. भाजपा के बड़े नेताओं के बीच इस तरह की लगातार बैठकों और अनौपचारिक मुलाकातों की तस्वीरें पहले कम ही देखने को मिली थीं.
पूर्व प्रदेश अध्यक्षों को भी दी जिम्मेदारी
नितिन नवीन ने पार्टी के सभी पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ अलग बैठक भी की. इसमें भूपेंद्र चौधरी, केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्र देव सिंह, लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सूर्य प्रताप शाही समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. बैठक में उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में सभी वरिष्ठ नेताओं के अनुभव की जरूरत होगी. साथ ही यह जिम्मेदारी भी तय की गई कि पार्टी का माहौल सकारात्मक बना रहे और किसी तरह के मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने न आएं.
कार्यकर्ताओं पर रहेगा विशेष फोकस
प्रदेश के सभी बड़े नेताओं के साथ हुई समन्वय बैठक में नितिन नवीन ने कहा कि 2027 के चुनाव में जमीनी स्तर पर सभी नेताओं को सक्रिय होकर काम करना होगा. उन्होंने दोहराया कि कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करना सरकार और संगठन दोनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है. अपने दो दिवसीय दौरे के अंत में उन्होंने साफ संदेश दिया कि भाजपा में किसी भी तरह की गुटबाजी स्वीकार नहीं होगी और सभी नेताओं को एक लक्ष्य के साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा.
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