उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के नतीजों ने बीजेपी की चिंता बढ़ा दी है. भले ही बीजेपी का 11 में से 6 सीटें जीतना तय माना जा रहा है, लेकिन समाजवादी पार्टी ने लखनऊ और आगरा में जीत दर्ज कर बड़ा सियासी संदेश दिया है. पिछली बार तीन सीटें जीतने वाली सपा इस बार पांच सीटों पर जीत हासिल कर अपनी ताकत बढ़ाती नजर आ रही है. वहीं, बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में मिली हार ने पार्टी को चुनावी नतीजों की समीक्षा करने पर मजबूर कर दिया है.
लखनऊ और आगरा में बीजेपी को बड़ा झटका
इस चुनाव में बीजेपी को सबसे बड़ा झटका लखनऊ की स्नातक सीट पर लगा है. यहां समाजवादी पार्टी की कांति सिंह पटेल ने बीजेपी के अवनीश कुमार सिंह को हराकर जीत दर्ज की. यह सीट पहले बीजेपी के पास थी. वहीं, आगरा की शिक्षक सीट पर आकाश अग्रवाल ने सपा के टिकट पर जीत हासिल की. आकाश पहले बीजेपी में थे और पिछला चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे. इस बार बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने सपा का दामन थाम लिया और जीत दर्ज की.
बीजेपी ने मेरठ समेत कई सीटों पर दर्ज की जीत
बीजेपी ने मेरठ की शिक्षक और स्नातक दोनों सीटों पर जीत हासिल की. इसके अलावा लखनऊ की शिक्षक, बरेली की शिक्षक और आगरा की स्नातक सीट भी बीजेपी के खाते में गई. गोरखपुर की शिक्षक सीट पर बीजेपी के ध्रुव त्रिपाठी और निर्दलीय राजीव यादव के बीच कड़ा मुकाबला रहा. वाराणसी की स्नातक सीट पर भी मतगणना जारी रहने के दौरान सपा के आशुतोष सिन्हा आगे चल रहे थे.
सपा ने पांच सीटें जीतकर बढ़ाई ताकत
समाजवादी पार्टी ने वाराणसी की शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव, झांसी-प्रयागराज की शिक्षक सीट पर मानसिंह यादव और लखनऊ की स्नातक सीट पर जीत दर्ज की. इसके अलावा आगरा की शिक्षक सीट भी सपा के खाते में गई. वाराणसी की स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा आगे चल रहे थे. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए जुलूस और जश्न से बचने की अपील की. शिवपाल यादव ने भी जीत की बधाई देते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र किया.
केशव मौर्य बोले, चुनाव की करेंगे समीक्षा
चुनाव में मिली हार पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी वहां जीत गई, जहां उसे नहीं जीतना चाहिए था. उन्होंने चुनाव के नतीजों की समीक्षा करने की बात कही. जातीय समीकरण के लिहाज से बीजेपी के छह विजेताओं में तीन ब्राह्मण, एक ठाकुर, एक सिख और एक वैश्य समुदाय से बताए गए. वहीं, सपा के पांच विजेताओं में दो यादव, एक कुर्मी, एक कायस्थ और एक वैश्य समुदाय से हैं. इन नतीजों ने प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के लिए राजनीतिक संकेत दिए हैं.
ये भी पढ़ें: