क्रिकेट की दुनिया में हर दिन नए रिकॉर्ड बनते हैं, लेकिन कुछ उपलब्धियां इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो जाती हैं. भारत के जिम्बाब्वे दौरे 2026 के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हरारे स्पोर्ट्स क्लब में ऐसा ही ऐतिहासिक पल देखने को मिला. महज 15 साल और 118 दिन की उम्र में भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्द्धशतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. जिम्बाब्वे के खिलाफ 126 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए ओपनिंग करने आए वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया. उन्होंने बिना किसी दबाव के विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार बड़े शॉट लगाए और सिर्फ 19 गेंदों में अपना अर्द्धशतक पूरा कर लिया. उनकी पारी में 4 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. उन्होंने 263.16 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 50 रन बनाए और विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
वैभव सूर्यवंशी की इस पारी ने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में उम्र से जुड़े सभी पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए. इससे पहले यह रिकॉर्ड जिब्राल्टर के लुईस ब्रूस के नाम था, जिन्होंने वर्ष 2021 में माल्टा के खिलाफ 16 साल और 56 दिन की उम्र में अर्द्धशतक लगाया था.
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट के सभी उम्र संबंधी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए. 15 साल 118 दिन की उम्र में उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ सिर्फ 19 गेंदों में अर्द्धशतक जड़कर सबसे कम उम्र में टी20 इंटरनेशनल फिफ्टी लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया. इससे पहले यह रिकॉर्ड जिब्राल्टर के लुईस ब्रूस (16 साल 56 दिन) के नाम था. इस सूची में इंडोनेशिया के काविन चड्ढा (16 वर्ष 76 दिन), सीएरा लियोन के अलुसीन तुरे (16 वर्ष 89 दिन) और भूटान के तेनजिन रब्गे (16 वर्ष 118 दिन) भी शामिल हैं.
फुल-मेंबर देशों का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया
अगर सिर्फ फुल-मेंबर देशों की बात करें तो यह रिकॉर्ड पहले अफगानिस्तान के रहमानुल्लाह गुरबाज के नाम दर्ज था. गुरबाज ने 2019 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 17 साल और 296 दिन की उम्र में अर्द्धशतक लगाया था. वैभव सूर्यवंशी ने इस रिकॉर्ड को भी बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया और फुल-मेंबर तथा एसोसिएट देशों के सभी खिलाड़ियों से आगे निकल गए.
अर्द्धशतक के तुरंत बाद हुए आउट
वैभव ने जैसे ही अपना ऐतिहासिक अर्द्धशतक पूरा किया, अगली ही गेंद पर उनका विकेट गिर गया. पारी के 7वें ओवर की दूसरी गेंद (6.2 ओवर) पर जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज रिचर्ड नगारवा ने ऑफ स्टंप के बाहर लेंथ गेंद फेंकी. वैभव ने चौड़ा स्टान्स लेकर कवर की दिशा में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के बाहरी किनारे से लगकर डीप थर्ड-मैन की ओर हवा में चली गई. वहां बेन करेन ने आसान कैच लेकर उनकी पारी का अंत किया. हालांकि तब तक वैभव भारत की जीत की मजबूत नींव रख चुके थे.
हरारे फिर बना वैभव के लिए यादगार मैदान
हरारे का मैदान वैभव सूर्यवंशी के लिए पहले भी खास रहा है, जहां वह जूनियर स्तर पर कई शानदार पारियां खेल चुके हैं. लेकिन इस बार सीनियर टीम की नीली जर्सी में खेली गई उनकी विस्फोटक पारी ने उन्हें विश्व रिकॉर्ड दिला दिया. 15 साल और 118 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर वैभव ने साफ कर दिया कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए तैयार हैं.
ये भी पढ़ें