वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वाल्मीकि रेंज में बाघ के हमले के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है. जंगल से सटे इलाकों में बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. वन विभाग की टीम बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के साथ उसके मूवमेंट पर भी निगरानी बनाए हुए है. जंगल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में वनकर्मियों की गश्त लगातार जारी है.
जंगल किनारे रहने वालों की सुरक्षा पर खास ध्यान
बाघ की मौजूदगी को देखते हुए जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और किसानों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है. खेतों में काम करने वाले किसानों को अकेले खेत की ओर नहीं जाने की सलाह दी गई है. हालांकि किसानों को फसल में खाद और पानी देने के लिए खेतों में जाना जरूरी है, इसलिए उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने अलग व्यवस्था की है.
जिन किसानों के खेत जंगल के किनारे हैं और जिन्हें फसल में खाद-पानी देने के लिए खेतों में जाना जरूरी है, उन्हें पहले वन विभाग को इसकी जानकारी देने को कहा गया है. सूचना मिलने के बाद वनकर्मियों की मौजूदगी में किसानों को खेत तक भेजा जा रहा है. किसान वनकर्मियों की निगरानी में अपनी फसलों में खाद और पानी देने का काम कर रहे हैं.
किसानों के खेत में काम करने के दौरान वनकर्मी आसपास के इलाके पर लगातार नजर रखते हैं. अगर बाघ की किसी तरह की गतिविधि दिखाई देती है तो किसानों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाने की व्यवस्था की जा रही है. वन विभाग का प्रयास है कि किसानों के जरूरी कृषि कार्य भी प्रभावित न हों और उनकी सुरक्षा से किसी तरह का समझौता भी न किया जाए.
माइकिंग कर ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक
वाल्मीकि रेंज के रेंजर सत्यम कुमार की ओर से इलाके में लगातार माइकिंग कराई जा रही है. इसके जरिए ग्रामीणों को बाघ की मौजूदगी के बारे में सतर्क किया जा रहा है. लोगों से साफ अपील की जा रही है कि वे जंगल की तरफ न जाएं और जंगल के अंदर जाने से पूरी तरह बचें.
ग्रामीणों के साथ बैठक कर समझाया जा रहा बाघ का व्यवहार
रेंजर सत्यम कुमार ग्रामीणों के साथ लगातार बैठकें भी कर रहे हैं. इन बैठकों में लोगों को बाघ के व्यवहार और उसकी गतिविधियों को लेकर जरूरी सावधानियों की जानकारी दी जा रही है. वन विभाग ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. साथ ही बाघ दिखाई देने या उसकी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने को कहा गया है.
खेत जाने से पहले वन विभाग को दें जानकारी
खास तौर पर किसानों से कहा गया है कि अगर उन्हें खेतों में खाद, पानी या किसी अन्य कृषि कार्य के लिए जाना है तो पहले वन विभाग को इसकी जानकारी दें. किसानों को वनकर्मियों की मौजूदगी और निगरानी में ही खेतों की ओर जाने की सलाह दी गई है.
बाघ की ट्रैकिंग के लिए वन विभाग की टीम लगातार सक्रिय है. जंगल के आसपास संभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है. वनकर्मी ग्रामीणों के संपर्क में भी बने हुए हैं. बाघ के मूवमेंट पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों को लगातार जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है.
निर्देशों का पालन करने की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे विभाग के निर्देशों का पालन करें और जंगल में जाने से बचें. वहीं, खेतों में जाना जरूरी होने पर पहले वन विभाग को सूचना दें, ताकि वनकर्मियों की निगरानी में किसान सुरक्षित तरीके से अपने जरूरी कृषि कार्य कर सकें.
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