शिव की नगरी और मोक्ष प्रदान करने वाली काशी में बाढ़ का खतरा बनता हुआ नजर आ रहा है. मां गंगा नदी घाट से ऊपर आ चुकी हैं और उनका जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है और एहतियात के तौर पर नावों के संचालन पर तत्काल रोक लगा दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला सावन के दौरान वाराणसी पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा जलस्तर
एसीपी अतुल अंजन त्रिपाठी के मुताबिक, गुरुवार को गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर दर्ज किया गया था. लेकिन अब नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है और अब यह पुराने मार्क को पीछे छोड़ 71.26 मीटर के खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है. हालांकि फिलहाल जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नावों के संचालन को रोकने का फैसला सुरक्षा के लिहाज से लिया गया है.
सावन में लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे वाराणसी
एसीपी अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु वाराणसी पहुंचते हैं. गंगा स्नान करके बाबा विश्वनाथ को जल चढ़ाते हैं. ऐसे में गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच लोगों की सुरक्षा को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं लिया जा सकता. प्रशासन का कहना है कि नदी का जलस्तर और बहाव सामान्य होने के बाद नाव चलाने को लेकर दोबारा फैसला लिया जाएगा.
हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट तक पहुंचा पानी
गंगा का पानी बढ़ने का असर घाटों पर भी दिखाई देने लगा है. अधिकारियों के मुताबिक, पानी हरिश्चंद्र घाट और मणिकर्णिका घाट तक पहुंच गया है. जिन घाटों पर 24 घंटे अंतिम संस्कार होता था, वहां भी बढ़ते जलस्तर के चलते शव के अग्निदाह की प्रक्रिया घाटों की ऊपरी सीढ़ियों और छतों पर करनी पड़ रही है, जिसके चलते लोगों को समय से ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है.
नाव संचालकों को दिए गए निर्देश
प्रशासन ने नाव संचालकों को भी सख्त निर्देश दिए हैं. उन्हें जल पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों की ओर से घोषणाओं के जरिए जारी किए जा रहे निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है. प्रशासन की कोशिश है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने और श्रद्धालुओं के साथ-साथ नाव संचालकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके. साथ ही प्रशासन ने पूरे स्थिति को देखते हुए लगातार अपनी नजर स्थिति पर बनाए हुए है.
फिलहाल नाव संचालन बंद रहेगा. इसे दोबारा शुरू करने का फैसला गंगा के जलस्तर और नदी के बहाव की स्थिति सामान्य होने के बाद लिया जाएगा. तब तक जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की प्रशासन ने हिदायत दी है.
ये भी पढ़ें