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मांसाहारी की तुलना में शाकाहारी महिलाओं को हिप फ्रैक्चर होने की ज्यादा संभावना, यहां पढ़ें इसके पीछे की वजह

Health New Study : लीड्स स्कूल ऑफ फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन के डॉक्टरेट शोधकर्ता और स्टडी के प्रमुख लेखक जेम्स वेबस्टर ने बताया कि मीट में वह नुट्रिएंट्स होते हैं, जो हमारी हड्डियों के लिए ज्यादा जरूरी हैं.

शाकाहारी महिलाओं को हिप फ्रैक्चर होने की ज्यादा संभावना
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 13 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 6:45 PM IST
  • हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए हर एक नुट्रिएंट्स जरूरी

आपको भी जानकर हैरानी होगी कि मांसाहारी महिलाओं की तुलना में शाकाहारी महिलाओं को हिप फ्रैक्चर होने की संभावना ज्यादा होती है. इस बात का खुलासा एक स्टडी में हुआ है, जोकि यूके की 26,000 महिलाओं पर की गई है. इस स्टडी के अनुसार मांस खाने वालों की तुलना में शाकाहारियों में हिप फ्रैक्चर का 33 प्रतिशत ज्यादा जोखिम है. 

लीड्स यूनिवर्सिटी के रिसर्चस ने नियमित मांस खाने वालों की तुलना में कभी-कभी मांस खाने वालों पर भी रिसर्च की. इनमें कई ऐसे लोग भी थे जो मछली का सेवन करते हैं लेकिन मांस नहीं खाते. लगभग 20 सालों की अवधि में 26,318 महिलाओं से जुड़े 822 हिप फ्रैक्चर के मामलों का उल्लेख किया गया. यह नमूने का सिर्फ 3 प्रतिशत से ज्यादा था.

शाकाहारियों में हिप फ्रैक्चर का जोखिम ज्यादा 

वहीं, धूम्रपान और उम्र जैसे कारकों को ध्यान में रखते हुए शाकाहार ही एकमात्र आहार समूह था, जिसमें हिप फ्रैक्चर का खतरा ज्यादा था. यह स्टडी शाकाहारियों और मांस खाने वालों में हिप फ्रैक्चर के जोखिम की तुलना करने के लिए अस्पताल के रिकॉर्ड का उपयोग करके हिप फ्रैक्चर की घटना की पुष्टि करने के लिए की गई. 

हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए नुट्रिएंट्स जरूरी 

लीड्स स्कूल ऑफ फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन के डॉक्टरेट शोधकर्ता और स्टडी के प्रमुख लेखक जेम्स वेबस्टर ने कहा कि हमारी स्टडी शाकाहारी भोजन करने वाली महिलाओं में हिप फ्रैक्चर के जोखिम के बारे में संभावित चिंताओं पर प्रकाश डालती है. हालांकि, यह लोगों को शाकाहार खाना बंद करने की सलाह नहीं देता है लेकिन, हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए जरूरी नुट्रिएंट्स को समझना जरूरी है.

शाकाहारियों को हिप फ्रैक्चर ज्यादा होने की वजह 

प्रोटीन, कैल्शियम और कई न्यूट्रिशन आमतौर पर पौधों की तुलना में मांस और अन्य पशु उत्पादों में ज्यादा होते हैं. लोगों को स्वस्थ विकल्प चुनने में मदद करने के लिए, शाकाहारियों में बढ़ते जोखिम के कारकों को बेहतर ढंग से समझने के लिए भविष्य के शोध के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, चाहे वे कोई खास न्यूट्रिशन की कमी हो या वजन.

नुट्रिएंट्स के कम सेवन से हड्डियां कमजोर और मांसपेशियों की डेंसिटी कम हो सकती है, जिससे हिप फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है. हाल के वर्षों में शाकाहारी भोजन की लोकप्रियता में बढ़ोतरी देखी गई है. 2021 के YouGov सर्वे के अनुसार, यूके में लगभग 5-7 प्रतिशत शाकाहारी हैं.

हालांकि, शाकाहारी भोजन डायबिटीज, हृदय रोग और कैंसर सहित कई पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम कर सकता है. स्टडी में यह भी पाया गया कि शाकाहारियों का औसत बीएमआई नियमित मांस खाने वालों की तुलना में मामूली कम था. पहले की स्टडी के अनुसार, हिप फ्रैक्चर के बढ़ते जोखिम को कम बीएमआई से जोड़ा गया है. 

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