देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. नवंबर की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में सुबह और रात के समय ठंड बढ़ने लगी है. वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई है. इसका असर उत्तर भारत के कई राज्यों में देखने को मिल सकता है. खासतौर पर दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा के मौसम में बदलाव होने के आसार हैं. इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है.
10 नवंबर से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है. इसके कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में मौसम बदलने की संभावना है. इन इलाकों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है.
हिमाचल प्रदेश में 10 से 12 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है. वहीं, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी 10 से 12 नवंबर तक बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. कुछ इलाकों में तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है.
दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी विक्षोभ का असर पहाड़ी इलाकों के बाद मैदानी राज्यों में भी देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 11 और 12 नवंबर को दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है. हालांकि, इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है.
फिलहाल 7 नवंबर को दिल्ली-NCR में आसमान साफ रहने और सुबह हल्का कोहरा छाने का अनुमान है. दिन में अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट
उत्तर भारत के मुकाबले दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां ज्यादा देखने को मिल सकती हैं. मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 नवंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं, केरल और माहे में भी कुछ जगहों पर तेज बारिश हो सकती है.
ठंड और कोहरे में होगा इजाफा
नवंबर के दूसरे सप्ताह में तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है. इससे सुबह और रात के समय ठंड बढ़ सकती है. कई इलाकों में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा भी देखने को मिल सकता है. ऐसे में लोगों को मौसम के बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है.