एशिया के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में गिने जाने वाले उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं कल यानी 18 फरवरी 2026, बुधवार से शुरू हो रही हैं. परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जाएंगी. इस साल करीब 53 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिसके लिए 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. इतने बड़े स्तर पर परीक्षा कराने के लिए प्रशासन ने पहले से ही विस्तृत तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि प्रक्रिया सुचारु और निष्पक्ष रहे.
कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी
परीक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद के दफ्तर में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है. इस कंट्रोल रूम को जिले भर के परीक्षा केंद्रों से जोड़ा गया है, जहां से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है. संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए 222 अति संवेदनशील और 683 संवेदनशील परीक्षा केंद्र चिन्हित किए गए हैं. साथ ही 18 जनपदों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बोर्ड का कहना है कि नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहेगा, जिनमें सादे कपड़ों में कर्मी भी शामिल होंगे. इसके अलावा एसटीएफ और एलआईयू जैसी एजेंसियां भी निगरानी में सहयोग करेंगी. केंद्रों पर वॉइस रिकॉर्डर वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे. इससे हर गतिविधि पर नजर रखना आसान होगा.
कॉपियों में बदलाव और हेल्पलाइन सुविधा
इस बार उत्तर पुस्तिकाओं में भी बदलाव किया गया है. हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की ए और बी कॉपियों में अलग-अलग कलर कोडिंग की गई है, ताकि किसी तरह की अदला-बदली की संभावना खत्म हो. छात्रों की सुविधा के लिए बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. इस हेल्पलाइन के जरिए परीक्षा से जुड़े सवालों के जवाब दिए जा रहे हैं. अगर कोई छात्र मानसिक दबाव महसूस कर रहा है, तो उसे भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है.
(रिपोर्ट- पंकज श्रीवास्तव)
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