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खेलों को बढ़ावा देने के लिए अब यूपी में ‘एक ज़िला एक खेल’...योगी के 100 दिन के एजेंडे में शामिल

योगी सरकार के पहले कार्यकाल के सबसे सफल योजनाओं में एक है ओडीओपी यानि एक ज़िला एक उत्पाद थी. यानि हर ज़िले में जो ख़ास प्रोडक्ट तैयार होता है उसको बढ़ावा देने के लिए इसे बनाने और इसके व्यवसाय के लिए सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. इस योजना से सरकार छोटे व्यापारियों को भी लाभ मिला. अब इसी तर्ज़ पर एक ज़िला एक खेल शुरू किया जाएगा.

Yogi Adityanath
शिल्पी सेन
  • लखनऊ,
  • 13 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 12:54 PM IST
  • जिलों में बनाया जाएगा ट्रेनिंग सेंटर
  • खेल में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए नई योजना

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ का दूसरा कार्यकाल खेल और खिलाड़ियों के लिए खास रहने वाला है. योगी सरकार अपनी तरह की पहली योजना ‘एक ज़िला एक खेल’(one district one sports) शुरू करने वाली है. इस योजना का मकसद प्रदेश में सभी पारम्परिक खेलों को बढ़ावा देकर युवाओं को बेहतर स्वास्थ्य की ओर ले जाना भी है. दूसरे कार्यकाल के 100 दिन के एक्शन प्लान में इसे शामिल किया गया है.

यूपी में खेल में रुचि रखने वाले युवाओं को अब एक नयी योजना के ज़रिए प्रशिक्षण और मदद दी जाएगी. यूपी सरकार एक ज़िला एक उत्पाद की सफलता के बाद इसी तर्ज पर‘एक ज़िला एक खेल’यानि one district one sport शुरू करने की तैयारी में है. यूपी सरकार के खेल विभाग के 100 दिन के एजेंडे में इसे शामिल किया गया है. केंद्र से खेलों को लेकर अनुमति भी ली गई है. साथ ही यूपी के सभी ज़िलों के लिए एक-एक खेल विशेष भी तय कर दिया है. उसकी पूरी सूची विभाग ने तय की है.

क्या है एक ज़िला एक खेल?
योगी सरकार के पहले कार्यकाल के सबसे सफल योजनाओं में एक है ओडीओपी यानि एक ज़िला एक उत्पाद थी. यानि हर ज़िले में जो ख़ास प्रोडक्ट तैयार होता है उसको बढ़ावा देने के लिए इसे बनाने और इसके व्यवसाय के लिए सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. इस योजना से सरकार छोटे व्यापारियों को भी लाभ मिला. अब इसी तर्ज़ पर एक ज़िला एक खेल शुरू किया जाएगा. इसमें हर ज़िले के लिए एक खेल निर्धारित किया गया है. खेलों को एक से ज़्यादा ज़िलों के लिए निर्धारित किया गया है. जिस ज़िले के लिए जो खेल निर्धारित है उस ज़िले में उस खेल के प्रशिक्षण और सुविधाओं के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे. यूपी के खेल और युवा विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव का कहना है, ‘प्रधानमंत्री मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी जी न सिर्फ़ खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत हैं बल्कि कैसे खिलाड़ियों को सबसे अच्छी ट्रेनिंग दी जाए, कैसी सुविधाएं दी जाएं उसके लिए भी कोशिश की जा रही है. हम लोग अभी बैठक करके पूरी कार्य योजना बना रहे हैं. मुख्यमंत्री के सामने इसका प्रेज़ेंटेशन होगा.’

जिलों में बनाया जाएगा ट्रेनिंग सेंटर
दरअसल सरकार की योजना है कि ऐसे सभी ज़िलों में उसी खेल के लिए ट्रेनिंग सेंटर होगा. साथ ही खेल प्रतिभाओं को चिह्नित कर उनको ट्रेनिंग देकर तैयार किया जाएगा. इसके लिए न सिर्फ़ ज़िलों को एक एक खेल से विशेष रूप से जोड़ा गया है बल्कि वहां उस खेल के लिए स्टेडियम और सेंटर भी निर्धारित कर दी गए हैं. इस योजना का उद्देश्य गांव और ज़िले की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाकर उनको प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाना है. इन खेलों में हॉकी, बैडमिंटन, टेबिल टेनिस,लॉन टेनिस, एथलेटिक्स, कुश्ती, बॉक्सिंग, वेटलिफ़्टिंग, तीरंदाज़ी,जूडो जैसे खेल हैं. ज़िलों में इनके लिए खेलो इंडिया सेंटर भी बनाए जाएंगे.

योगी सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में न सिर्फ़ परम्परागत और ग्रामीण खेलों को बढ़ावा दिया था बल्कि गांव में फ़िटनेस सेंटर और जिमनेज़ियम भी बनाए थे. वहीं युवक मंगल दल को भी सक्रिय किया था. इस योजना के ज़रिए इन सभी खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को तलाश करना और मौक़ा देना है.

 

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