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UP Government: खुशखबरी! योगी सरकार युवाओं को और देगी रोजगार, हरियाणा मॉडल की तर्ज पर करेगी नियुक्ति

हरियाणा की तरह यूपी सरकार एक कौशल रोजगार निगम की स्थापना करेगी और आउटसोर्सिंग-आधारित अवसरों के लिए समर्पित एक रोजगार पोर्टल लॉन्च करेगी. 2024 आम चुनावों से पहले रिक्त पदों पर युवाओं की भर्ती की जाएगी. 

योगी सरकार युवाओं को देगी जॉब (फाइल फोटो)
अभिषेक मिश्रा
  • लखनऊ,
  • 14 जून 2023,
  • अपडेटेड 12:04 AM IST
  • सरकार एक कौशल रोजगार निगम की करेगी स्थापना  
  • सरकारी विभागों को रिक्त पदों के बारे में सूचित करना होगा जरूरी 

उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी के मुद्दे को हल करने के लिए योगी सरकार एक नया प्रयोग करने जा रही है. 2024 आम चुनावों से पहले रोजगार बढ़ाने के लिए योगी सरकार रिक्त पदों पर युवाओं की भर्ती के लिए हरियाणा मॉडल की तर्ज पर विभागों में नियुक्ति की सुविधा के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसियों को शामिल करने की योजना बना रही है. हरियाणा की तरह, यूपी सरकार एक कौशल रोजगार निगम की स्थापना करेगी और आउटसोर्सिंग-आधारित अवसरों के लिए समर्पित एक रोजगार पोर्टल लॉन्च करेगी. 

प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश
उत्तर प्रदेश श्रम विभाग को इस पहल के संबंध में एक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है. आउटसोर्सिंग के माध्यम से सभी रोजगारों की निगरानी श्रम विभाग खुद करेगा. राज्य भर के सरकारी विभागों को विभिन्न श्रेणियों में रिक्त पदों के बारे में पोर्टल को सूचित करना जरूरी होगा. तकनीकी और पर्यवेक्षी स्तर के पदों के लिए चयन प्रक्रिया में शैक्षिक योग्यता, साक्षात्कार प्रदर्शन और प्रासंगिक अनुभव जैसे कारकों पर विचार किया जाएगा. 

वेतन महीने की 15 तारीख तक सीधे खातों में आएगा
इसमें इंटरव्यू का भार कुल अंकों का 20 प्रतिशत होगा. कौशल रोजगार निगम इस पोर्टल का विकास और प्रबंधन करेगा, यह सुनिश्चित करेगा कि सभी भर्ती प्रक्रियाएं इसके जरिए संचालित की जाएं. आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन हर महीने की 15 तारीख तक सीधे उनके बैंक खातों में जमा कर दिया जाएगा. आउटसोर्सिंग एजेंसियों को कर्मचारियों के वेतन से मात्र 4.5 प्रतिशत का निश्चित कमीशन प्राप्त होगा, जिसे किसी भी परिस्थिति में नहीं बढ़ाया जाएगा. 

हरियाणा में सफल प्रयोग
पिछले कुछ सालों में हरियाणा में इसके सफल प्रयोग के बाद, जिलों को ए, बी और सी में बांटा गया था. ए-श्रेणी के जिलों में, स्तर 1 के कर्मचारियों को 17,500 रुपए का मासिक वेतन मिलता है, जबकि स्तर 2 के कर्मचारियों को 20,590 रुपए मिलते हैं. स्तर 3 के आउटसोर्स कर्मचारियों को वर्तमान में ₹21,200 और स्तर 4 के कर्मचारियों को ₹22,420 प्राप्त हो रहे हैं. उत्तर प्रदेश सरकार अब इसी मॉडल के आधार पर इसी तरह का पैटर्न अपनाएगी. 

शोषण को प्रभावी ढंग से समाप्त किया जा सकेगा
उत्तर प्रदेश श्रम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस भर्ती प्रणाली को लागू करने से आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण को प्रभावी ढंग से समाप्त किया जा सकेगा. इसके अलावा, नया कौशल रोजगार निगम इन कर्मचारियों के लिए ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि), ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) और अन्य भत्तों का व्यापक रिकॉर्ड बनाए रखेगा. इस प्रणाली के जरिए आउटसोर्स कर्मचारी उचित अवकाश लाभों के साथ-साथ स्वास्थ्य और जीवन बीमा कवरेज जैसे अतिरिक्त भत्तों के भी हकदार होंगे. 


 

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