Zomato ने एनालॉग पनीर से बनी डिशेज को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने का फैसला किया है. कंपनी ने कहा है कि वह एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी अपना रही है. रेस्टोरेंट पार्टनर्स की ओर से ऐसी डिशेज की जानकारी मिलने के बाद उन्हें प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है.
यह कदम ऐसे समय में आया है, जब देश के कई हिस्सों में एनालॉग पनीर और दूसरे डेयरी विकल्पों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में नकली पनीर के उत्पादन, भंडारण, वितरण और बिक्री पर रोक लगाई गई है.
Zomato ने एनालॉग डेयरी वाली डिशेज हटाईं
Zomato ने अपने बयान में बताया कि जिन रेस्टोरेंट पार्टनर्स ने अपने मेन्यू में एनालॉग डेयरी वाले प्रोडक्ट्स की पहचान की है, उनकी ऐसी डिशेज को तुरंत प्रभाव से प्लेटफॉर्म से डीलिस्ट कर दिया गया है. कंपनी के मुताबिक, इस पॉलिसी का मकसद ग्राहकों के हितों की रक्षा करना और ऑनलाइन उपलब्ध खाने की जानकारी में ज्यादा पारदर्शिता लाना है.यानी ग्राहक को मेन्यू में जो चीज बताई जा रही है, उसे लेकर जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए।
रेस्टोरेंट्स को अब क्या करना होगा?
Zomato ने अपने रेस्टोरेंट पार्टनर्स के लिए कुछ नियम भी तय किए हैं. कंपनियों और रेस्टोरेंट्स को अब नेचुरल डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है. अगर किसी रेस्टोरेंट के लिए तुरंत एनालॉग डेयरी से नेचुरल डेयरी प्रोडक्ट पर जाना संभव नहीं है, तो उसे अपने मेन्यू से ऐसी डिशेज हटानी होंगी.
इसके अलावा रेस्टोरेंट्स को अपने सप्लायर्स की ओर से दिए गए प्रोडक्ट लेबल और इंग्रीडिएंट डिक्लेरेशन की जांच करनी होगी. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि खाना बनाने में इस्तेमाल हो रही सामग्री की सही जानकारी मिले और Zomato पर मेन्यू में भी उसी के मुताबिक जानकारी दी जाए. कंपनी ने साफ किया है कि जो रेस्टोरेंट इन नियमों का पालन नहीं करेंगे और एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स वाली डिशेज बेचते रहेंगे, उन्हें प्लेटफॉर्म से हटाया भी जा सकता है.
Zomato CEO बोले- ग्राहक की सेहत सबसे जरूरी
कंपनी के CEO आदित्य मंगला ने कहा कि Zomato का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बेहतर खाना पहुंचाना है. इसके लिए ग्राहकों की सेहत की सुरक्षा और रेस्टोरेंट पार्टनर्स की ओर से बेचे जा रहे खाने को लेकर स्पष्ट मानक जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि कंपनी यह कदम उन रेस्टोरेंट पार्टनर्स के साथ मिलकर उठा रही है, जो इन मानकों का पालन करने के लिए तैयार हैं.
एनालॉग पनीर असल पनीर से कितना अलग?
आम पनीर दूध से तैयार किया जाता है. वहीं एनालॉग पनीर दूध से बना डेयरी प्रोडक्ट नहीं होता. इसे तैयार करने में आमतौर पर वनस्पति तेल, स्टार्च, इमल्सीफायर और दूसरे एडिटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है. इन चीजों को इस तरह प्रोसेस किया जाता है कि उनका टेक्सचर, रंग-रूप और इस्तेमाल पारंपरिक पनीर जैसा नजर आए.यानी प्लेट में देखने पर यह असली पनीर जैसा लग सकता है, लेकिन इसकी सामग्री और संरचना अलग होती है.
ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने वालों पर भी पड़ेगा असर
Zomato देश के बड़े ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स में शामिल है.ऐसे में उसकी इस पॉलिसी का असर ऐसे रेस्टोरेंट्स और उन डिशेज पर पड़ सकता है, जिनमें एनालॉग पनीर या दूसरे एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल होता है.
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