कुशीनगर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के तीन बच्चों की 48 घंटे के अंदर मौत होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. मामला नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के गुलरहिया टोला गांव का है. बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है. स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मेडिकल टीम भेजकर जांच शुरू कर दी है.
पहली मौत
पिंटू गौर की बेटी मंजू करीब एक सप्ताह पहले बुखार से बीमार हुई थी. सबसे पहले उसे स्थानीय डॉक्टर को दिखाया गया, लेकिन तबीयत में कोई राहत नहीं मिली. इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर गए, जहां बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
दूसरी दुखद घटना
मंजू की मौत के बाद परिवार को दूसरा बड़ा सदमा तब लगा, जब उसकी छोटी बहन खुशी को भी तेज बुखार हुआ. हालत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल से गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. लेकिन शुक्रवार सुबह उसने भी दम तोड़ दिया.
तीसरी मौत
इन दो मौतों के बीच पिंटू गौर के बड़े भाई दशरथ के बेटे कृष्णा की भी तबीयत बिगड़ने लगी. उसे भी वैसे ही बुखार लगने लगा जैसे दोनों बहनों की तबीयत बिगड़ी थी. परिजन उसे पदरौना ले जा रहे थे कि तभी पिंटू ने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया.
स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
एक ही परिवार में हुई तीन बच्चों की लगातार मौत से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. अधिकारियों ने गांव में मेडिकल कैंप लगाया है और पूरे मामले की जांच करना शुरू कर दिया है. नेबुआ नौरंगिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. रंजन कुमार मौर्य ने बताया कि पिछले दो दिनों से गांव में मेडिकल टीम तैनात है, जो बच्चों की जांच कर रही है. अब तक 57 बच्चों के टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें मलेरिया और डेंगू की जांच भी शामिल है. उन्होंने आगे बताया कि दवाइयां भी बांटी गई हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज दिया जा रहा है.
गांव में छिड़काव और सफाई अभियान
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डिसइंफेक्टेंट स्प्रे, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया है और लोगों को सफाई बनाए रखने की सलाह दी है. साथ ही डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों की मौत का सही कारण रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा. फिलहाल सभी संभावित बीमारियों की जांच की जा रही है और कारण का पता लगाया जा रहा है.
ये भी पढ़ें