इटावा में अंधविश्वास से जुड़ी एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक युवक ने 'महाकाल बलि मांग रहा है.' का दावा करते हुए कुल्हाड़ी से अपनी गर्दन पर कई वार कर डाले. चीख-पुकार मचने पर परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे तो अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.
दरअसल, बकेवर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोहाल गांधी नगर निवासी संतोष ने बताया कि उनका भतीजा 28 वर्षीय राजेश तिवारी अपने माता-पिता की इकलौती संतान था. माता-पिता की मौत के बाद राजेश उनके पास ही रहता था. दो साल पहले झारखंड की रानी से उसका विवाह हुआ था. शादी के एक महीने बाद ही रानी मायके चली गई तब से वापस नहीं लौटी.
मां-बाप की मौत और पत्नी के छोड़कर चले जाने के बाद राजेश का मानसिक संतुलन बिगड़ सा गया. वह काफी परेशान रहने लगा. भांग का नशा करता था शराब भी पीता था जिसके कारण पत्नी चली गई थी.असामान्य व्यवहार के दौरान वह महाकाल महाकाल चिल्लाता था, बार- बार कहता था महाकाल बलि मांग रहा है, और फिर उसने कुल्हाड़ी खुद को मार ली.
वह माता के पास जाना चाहता है. इसके अलावा मकान खाली कराने और अन्य घरेलू बातों पर भी आए दिन विवाद करता था. चाचा संतोष ने बताया कि उसने अपनी गर्दन पर कुल्हाड़ी से कई वार कर लिए. खून से लथपथ पड़ा था. जब बेटी सीढ़ियों में झाड़ू लगाने के लिए नीचे आई तो राजेश को खून से लथपथ पड़ा देखा. इसके बाद आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. पुलिस के अनुसार कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई है. युवक पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान था. मामले की जांच जारी है.
रिपोर्टर: अमित तिवारी
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