श्रद्धा हत्याकांड मामले में आरोपी आफताब पूनावाला का नार्को टेस्ट पूरा हो चुका है. आफताब ने जो जवाब पॉलीग्राफ टेस्ट में दिए उसी तरह से जवाब नार्को में भी दिए. नार्को के बाद एक पोस्ट टेस्ट भी होगा जिसमें आफताब की काउन्सलिंग की जाएगी. आफताब ने नार्को टेस्ट में भी श्रद्धा के कत्ल की बात कबूल की है. हालांकि नार्को टेस्ट का सबूत के तौर पर कोर्ट में कोई अहमियत नहीं है लेकिन नार्को टेस्ट के जरिए पुलिस को कुछ और सुराग और सबूत मिलने की उम्मीद है. नार्को टेस्ट के दौरान आफताब बार-बार Unconscious हो रहा था.
हत्या को लकर दिल्ली पुलिस की थ्योरी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक श्रद्धा की मिसिंग कंप्लेंट मुंबई में दर्ज होने के बाद जब वो मुम्बई पुलिस की पूछताछ में शामिल होने जा रहा था तब भी उस दौरान इसके फ्रीज़ में बॉडी के कुछ टुकड़े थे. श्रद्धा हर हाल में आफताब को छोड़ना चाहती थी. 3-4 मई में दोनों अलग होने का फैसला कर चुके थे. लेकिन आफताब को ये नागवार गुजर रहा था. इसी के चलते उसने ये हत्या की. बता दें, 18 मई की शाम को आफताब ने श्रद्धा का गला दबाकर पहले मारा फिर उसके शव के 35 टुकड़े कर महरौली के जंगलों में फेंक दिया था.
आफताब ने क्या खुलासे किए
नार्को टेस्ट के दौरान आफताब से जब पूछा गया कि श्रद्धा का फोन कहाँ है तो उसने कहा कि श्रद्धा का फोन उसने कहीं फेंक दिया था.
नार्को टेस्ट के दौरान आफताब ने ये कुबूल किया कि उसने गुस्से में आकर श्रद्धा की हत्या की थी.
नार्को टेस्ट के दौरान आफ़ताब ने श्रद्धा के शव के टुकड़े करने के लिए आरी के इस्तेमाल की बात कुबूल की है.
नार्को टेस्ट के दौरान आफ़ताब से जब ये सवाल पूछा गया कि क्या कोई और भी इस हत्याकांड में शामिल है तो उसने कहा कि इस हत्याकांड कांड को उसने अकेले ही अंजाम दिया है.
आफताब ने नार्को टेस्ट में श्रद्धा के शव के टुकड़ों को जंगल मे ठिकाने लगाने की बात कुबूल की है.
सूत्रों के मुताबिक पॉलीग्राफ टेस्ट और नार्को टेस्ट में कई सवाल के जवाब आफ़ताब ने एक जैसे दिए.