हरियाणा के सोनीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई करते हुए वक्फ बोर्ड के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. दोनों पर प्लॉट के किराये की रसीद देने के बदले तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है. एसीबी की जींद यूनिट की टीम ने गोहाना में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ा. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
प्लॉट के किराये की रसीद देने के बदले मांगे 3 लाख रुपये
एसीबी जींद यूनिट के प्रभारी महेंद्र सिंह के मुताबिक, गोहाना निवासी सतीश कुमार ने इस मामले में शिकायत दी थी. शिकायत में बताया गया कि वक्फ बोर्ड में तैनात दो अधिकारी उनसे प्लॉट के किराये की रसीद देने के बदले तीन लाख रुपये की मांग कर रहे थे. शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले में कार्रवाई की तैयारी की.
जींद एसीबी की टीम ने सोनीपत के गोहाना स्थित श्याम सुंदर मिष्ठान भंडार में कार्रवाई की. यहां दोनों कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. आरोपियों की पहचान सोनीपत वक्फ बोर्ड कार्यालय में तैनात एस्टेट ऑफिसर मोहम्मद सलीम और रेंट क्लर्क मोहम्मद ताहिर के रूप में हुई है.
1.16 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी
शिकायत के अनुसार, दोनों कर्मचारियों ने तीन लाख रुपये की मांग की थी. कार्रवाई के दौरान एसीबी ने उन्हें एक लाख 16 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया. आरोप है कि दोनों ने एक लाख 84 हजार रुपये की रसीद दी थी और बाकी रकम रिश्वत के तौर पर अपने पास रख ली थी. इस तरह प्लॉट के किराये की रसीद से जुड़े मामले में रिश्वत लेने का आरोप सामने आया है.
एसीबी की टीम अब पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. दोनों आरोपियों को अगले दिन अदालत में पेश किया जाएगा और उनसे पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी है. इसके जरिए रिश्वत से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी. फिलहाल, एसीबी मामले की जांच में जुटी है.
(रिपोर्ट- पवन कुमार)
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