शिक्षा के मंदिर को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला नागौर जिले से सामने आया है. सदर थाना क्षेत्र के गोगेलाव गांव स्थित स्वामी विवेकानंद स्कूल में कक्षा 5 में पढ़ने वाले एक मासूम छात्र हिमांशु को सिर्फ इसलिए अमानवीय यातनाएं दी गईं क्योंकि वह अपनी नोटबुक घर भूल आया था. आरोपी शिक्षक ने न केवल बच्चे को लाठी से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया, बल्कि उसके बाल पकड़कर गालियां दीं और किसी को बताने पर जान से मारने व फिर से पीटने की खौफनाक धमकी दी.
जानकारी के अनुसार, घटना 26 सितंबर 2026 की दोपहर करीब 12:30 बजे की है. पीड़ित छात्र हिमांशु के पिता गोर्धनराम प्रजापत (उम्र 30 वर्ष, निवासी गोगेलाव) ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि शनिवार को उनका बेटा स्कूल गया था. उस दौरान वह जल्दबाजी में अपनी नोटबुक घर पर ही भूल गया.
जब कक्षा में अध्यापक जगदीश भोरा ने उससे कॉपी मांगी तो बच्चे ने ईमानदारी से कहा कि 'मैं घर भूल गया हूं'. इतना सुनते ही शिक्षक का पारा चढ़ गया और उसने छात्र पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी. इसके बाद शिक्षक ने लकड़ी (लाठी) से मासूम पर दनादन वार करने शुरू कर दिए. साथ ही किसी को न बताने की धमकी दी.
पिटाई के बाद भारी खौफ में आया बच्चा चुपचाप घर लौट आया. शिक्षक की धमकी के डर से उसने घर पर किसी को कुछ नहीं बताया. हालांकि, शरीर पर पड़ी लाठियों की मार इतनी भयानक थी कि मासूम ठीक से बैठ भी नहीं पा रहा था और पूरे शरीर में असहनीय दर्द से तड़प रहा था.
रविवार शाम को जब दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया तो मासूम बिलख-बिलख कर रोने लगा. जब माता-पिता ने बच्चे को संभालकर पूछा और उसके कपड़े हटाकर देखे, तो शरीर पर बेदर्दी से की गई मारपीट के गहरे लाल-नीले निशान देखकर उनके होश उड़ गए.
घटना की खबर जैसे ही गोगेलाव गांव में फैली, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीण महेंद्र ने बताया कि मामला गोगेलाव के स्वामी विवेकानंद स्कूल का है, जहां एक बच्चे के बुक्स घर भूलने पर प्रिंसिपल/शिक्षक द्वारा अमानवीय मारपीट की गई. शिक्षक ने अपने कर्तव्य के विपरीत काम किया है, जिससे बच्चे के मन में स्कूल जाने को लेकर गहरा भय बैठ गया है.
महेंद्र के अनुसार, यह कोई इकलौता मामला नहीं है, बल्कि स्कूल के करीब 15 से 20 अन्य मासूम बच्चों के साथ भी इस प्रकार की हरकतें हो चुकी हैं. ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में कड़ा संज्ञान लेकर सख्त कानूनी कार्रवाई करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित पिता गोर्धनराम प्रजापत ने जिला कलेक्टर नागौर और थानाधिकारी सदर नागौर को लिखित शिकायत सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की. शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नागौर के सदर थाना पुलिस ने 28 सितंबर 2026 को आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है.
पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है. मामले की तफ्तीश सउनि शिवदेवराम को सौंपी गई है.