आस्था हो तो ऐसी! 116 साल की बुजुर्ग महिला ने पैदल चढ़ीं तिरुमला की सीढ़ियां, अटूट आस्था ने सभी को किया भावुक

कर्नाटक की रहने वाली 116 वर्षीय नवनीतम्मा अपने परिवार के साथ भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन के लिए तिरुमला पहुंचीं. उन्होंने उम्र की परवाह किए बिना पैदल पहाड़ी चढ़ने का फैसला किया और पूरी श्रद्धा के साथ यात्रा पूरी की.

tirumala
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:46 PM IST

आस्था और विश्वास के सामने उम्र भी छोटी पड़ जाती है. इसका ताजा उदाहरण कर्नाटक की 116 वर्षीय नवनीतम्मा हैं, जिन्होंने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन के लिए तिरुमला की पहाड़ियों तक पैदल यात्रा पूरी की. उनकी इस प्रेरणादायक यात्रा ने देशभर के लोगों का दिल जीत लिया है. सोशल मीडिया पर उनके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी उनकी श्रद्धा और हिम्मत की खुलकर सराहना की है.

116 साल की उम्र में पूरी की पैदल यात्रा
कर्नाटक की रहने वाली 116 वर्षीय नवनीतम्मा अपने परिवार के साथ भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन के लिए तिरुमला पहुंचीं. उन्होंने उम्र की परवाह किए बिना पैदल पहाड़ी चढ़ने का फैसला किया और पूरी श्रद्धा के साथ यात्रा पूरी की. तिरुमला तक की यह चढ़ाई हर साल हजारों श्रद्धालु अपनी आस्था के प्रतीक के रूप में करते हैं, लेकिन इतनी अधिक उम्र में इस यात्रा को पूरा करना सभी के लिए प्रेरणा बन गया.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
नवनीतम्मा की यात्रा के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. लोग उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, हिम्मत और भगवान के प्रति अटूट विश्वास की जमकर तारीफ कर रहे हैं. उनके परिवार की भी सराहना हो रही है, जिसने पूरी यात्रा के दौरान उनका साथ दिया.

टीटीडी ने कराया विशेष वीआईपी दर्शन
नवनीतम्मा की अद्भुत श्रद्धा से प्रभावित होकर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम. टीटीडी. ने उनके और उनके परिवार के लिए सोमवार सुबह विशेष वीआईपी ब्रेक दर्शन की व्यवस्था की. इससे उन्हें बिना किसी परेशानी के भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन करने का अवसर मिला.



मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने की सराहना
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नवनीतम्मा की प्रशंसा करते हुए लिखा कि आस्था के सामने उम्र केवल एक संख्या है. उन्होंने कहा कि 116 साल की यह बुजुर्ग महिला पैदल तिरुमला पहुंचीं और भगवान के दर्शन किए. यह दृश्य वास्तव में प्रेरणादायक है. उन्होंने परिवार की भी तारीफ की, जिसने जीवन भर की उनकी आस्था को पूरा करने में पूरा सहयोग दिया.

ये भी पढ़ें: 

 

Read more!

RECOMMENDED