टीचर की नौकरी छोड़ी, अब ताबूत बेचकर करोड़ों कमा रही ये महिला

चीन में इस्तेमाल होने वाले ताबूत भारी और गहरे रंग के होते हैं. वहीं इटली में हल्के और अक्सर धार्मिक नक्काशी वाले ताबूत पसंद किए जाते हैं. चीन में आमतौर पर सिर्फ शरीर का दाह संस्कार होता है, जबकि इटली में ताबूत समेत शरीर को जलाया जाता है.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 17 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:41 PM IST
  • हेजे की लकड़ी की यूरोप में डिमांड
  • चीन के शहर से इटली तक पहुंचा 'कॉफिन बिजनेस'

चीन की 29 साल की लीसा लियू ने कभी सोचा भी नहीं था कि वो एक दिन ताबूत का बिजनेस करेंगी. शेडोंग के हेजे शहर की रहने वाली लियू पहले स्कूल टीचर थीं लेकिन नौकरी का दबाव, लगातार बोलने से बैठती आवाज और बढ़ती थकान ने उन्हें करियर बदलने पर मजबूर कर दिया. जुलाई 2023 में लियू ने कॉफिन एक्सपोर्ट का बिजनेस शुरू किया. आज उनकी फैक्ट्री यूरोप में हर साल हजारों ताबूत भेज रही है और करोड़ों की कमाई कर रही है.

ताबूत के काम से लगता था डर
लियू बताती हैं कि जॉइन करने से पहले उनके मन में भी ताबूत को लेकर डर और अंधविश्वास थे लेकिन फैक्ट्री का पूरा प्रोसेस देखने के बाद उनकी सोच बदल गई. कर्मचारियों के लिए ताबूत सिर्फ लकड़ी का बना एक प्रोडक्ट था. कुछ लोग तो खाली कलश को घर में स्टोरेज बॉक्स की तरह इस्तेमाल करते हैं. यह देखकर उनका डर पूरी तरह खत्म हो गया.

चीन और इटली के ताबूत में बड़ा अंतर
लियू के मुताबिक, चीन में इस्तेमाल होने वाले ताबूत भारी और गहरे रंग के होते हैं. वहीं इटली में हल्के और अक्सर धार्मिक नक्काशी वाले ताबूत पसंद किए जाते हैं. चीन में आमतौर पर सिर्फ शरीर का दाह संस्कार होता है, जबकि इटली में ताबूत समेत शरीर को जलाया जाता है. इसलिए वहां हल्की लकड़ी की मांग ज्यादा रहती है.

हेजे की लकड़ी की यूरोप में डिमांड
हेजे शहर में करीब 30 लाख पॉलोनिया (Paulownia) के पेड़ हैं. यह लकड़ी हल्की होती है, जल्दी आग नहीं पकड़ती और इसका टेक्सचर भी सुंदर होता है. यही कारण है कि इटली के बाजार में इसकी अच्छी मांग है. हेजे में बने ताबूत की कीमत 90 से 150 डॉलर के बीच होती है, जबकि यूरोप में यही ताबूत 1100 से 2100 डॉलर तक में बिकते हैं.

लियू के कारखाने से हर साल करीब 40 हजार ताबूत यूरोप भेजे जाते हैं. इससे सालाना लगभग 4 करोड़ युआन (करीब 60 लाख डॉलर) की कमाई होती है. हालांकि ये बिजनेस आसान नहीं है. लियू का कहना है, हर दिन लोग मरते हैं, और हर व्यक्ति को कभी न कभी ताबूत की जरूरत पड़ेगी.

गांव से ग्लोबल मार्केट तक फैला फ्यूनरल बिजनेस
सिर्फ हेजे ही नहीं, हेबेई प्रांत का मेइबेइझुआंग गांव भी चीन के अंतिम संस्कार बिजनेस का बड़ा सेंटर बन चुका है. यहां की गलियों में 'फ्यूनरल कपड़े', 'फूलों की माला' और 'बॉडी बैग' बेचने वाली दुकानें कतार में दिखती हैं.

दिलचस्प बात यह है कि पश्चिमी देशों के युवा लाइव-स्ट्रीम के जरिए जॉस पेपर जलाकर आशीर्वाद लेने की परंपरा अपना रहे हैं. जहां चीन में जॉस पेपर की गड्डी 10 युआन से कम में मिलती है, वहीं इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर इसकी कीमत 15 डॉलर तक पहुंच जाती है.

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