चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों AI से बनाए गए वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में अधेड़ उम्र की सिंगल महिलाएं अस्पताल में खड़ी होकर शादी न करने और बच्चे न होने का पछतावा करती नजर आती हैं. इन्हें देखकर ऐसा दिखाया जा रहा है मानो अकेलापन और बीमारी सिंगल लाइफ का तय अंजाम हो.
अस्पताल में बैठकर बहाया जा रहा पछतावे का दर्द
एक वीडियो में 58 साल की महिला रोते हुए कहती है कि उसने जवानी में शादी नहीं की और आज उसे अकेले अस्पताल आना पड़ता है. दूसरे वीडियो में 56 साल की महिला मानती है कि उसने माता-पिता की बात नहीं मानी और अब वह अपनी डबल इनकम, नो किड्स लाइफस्टाइल को सबसे बड़ी गलती बता रही है.
AI लिखा होने के बावजूद लोग मान रहे हैं सच
हालांकि इन वीडियो पर साफ लिखा होता है कि ये AI से जनरेटेड हैं, फिर भी बड़ी संख्या में लोग इन्हें सच मान रहे हैं. खासतौर पर वे माता-पिता, जिनके बच्चे अभी तक शादी नहीं कर पाए हैं.
कुछ लोगों ने बताया जरूरी चेतावनी
एक यूजर ने लिखा, ऐसे और वीडियो बनने चाहिए, ताकि शादी न करने वालों की आंखें खुलें. वहीं युवा पीढ़ी ने इस ट्रेंड का जमकर विरोध किया है. एक यूजर ने लिखा, 50 साल की सिंगल महिलाएं इतनी बूढ़ी नहीं दिखतीं, जितनी इन वीडियो में दिखाई गई हैं. एक अन्य ने कहा कि असल में शादी और बच्चों की जिम्मेदारियां ही महिलाओं की सेहत पर ज्यादा असर डालती हैं. एक यूजर ने कहा, शादी करना या सिंगल रहना दोनों ही खुशी के रास्ते हो सकते हैं. इसमें सही या गलत कुछ नहीं है. कुछ लोगों ने इसे शादीशुदा और सिंगल लोगों के बीच टकराव बढ़ाने की कोशिश भी बताया.
बच्चा पैदा करने पर 1.30 लाख देगी सरकार
चीन में शादी और जन्म दर लगातार गिर रही है. पिछले साल सिर्फ 61 लाख शादियां हुईं, जो 1980 के बाद सबसे कम हैं. जन्म दर में मामूली बढ़ोतरी जरूर दर्ज हुई, लेकिन इसके पीछे ड्रैगन ईयर को शुभ मानने की परंपरा को वजह माना जा रहा है. चीन की 21% आबादी की उम्र 60 साल से ज्यादा है. जन्मदर बढ़ाने के लिए चीनी सरकार ने माता-पिता को 1.30 लाख रुपए देने का ऐलान भी किया है. बच्चे के जन्म के बाद सरकार लगातार 3 साल तक माता-पिता को सालाना 3600 युआन देगी.