Air India Rule Changes: अब फ्लाइट क्रू को नहीं मिलेगी लॉन्ड्री सेवा, खुद करनी होगी अपनी यूनिफॉर्म प्रेस.. आर्थिक बोझ कम करने के लिए लिया फैसला

घाटा झेल रही एयर इंडिया ने फैसला लिया है कि इंटरनेशनल ट्रैवल के दौरान फ्लाइट क्रू को नहीं मिलेगी फ्री लॉन्ड्री की सुविधा नहीं मिलेगी. इस फैसले पर 1 जुलाई से अमल किया जाएगा. कर्मचारियों को भेजे गए मेल में लिखा है कि होटल के कमरों में उन्हें प्रेस मिलेगी और खुद यूनिफॉर्म रेडी करनी होगी.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:52 PM IST

लगातार नुकसान झेल रही एयर इंडिया ने खर्च कम करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. कंपनी ने अपने पायलट और केबिन क्रू को बताया है कि 1 जुलाई 2026 से विदेश में रुकने के दौरान उन्हें फ्री लॉन्ड्री की सुविधा नहीं मिलेगी. लेकिन भारत में ड्यूटी के दौरान यह सुविधा पहले की तरह मिलती रहेगी. कंपनी का कहना है कि वह इस समय हर तरह के खर्च को कम करने की कोशिश कर रही है.

होटल में धुलवाई जाती थी यूनिफॉर्म

अब तक जब एयर इंडिया के पायलट और केबिन क्रू विदेश में किसी होटल में रुकते थे, तो वे अपनी यूनिफॉर्म होटल की लॉन्ड्री में धुलवा लेते थे. इससे अगली उड़ान के समय उनके कपड़े साफ और अच्छे दिखते थे. एयरलाइन का मानना है कि विदेश में उसके कर्मचारी ही कंपनी की पहचान होते हैं, इसलिए उनका साफ-सुथरा दिखना जरूरी होता है.

खुद करनी होगी कपड़ों की देखभाल

कंपनी ने ई-मेल में बताया है कि अब होटल में कपड़े धोने की सुविधा नहीं मिलेगी. इसके बदले हर कमरे में प्रेस और प्रेस करने के लिए बोर्ड रखा जाएगा, जिससे कर्मचारी अपनी यूनिफॉर्म को खुद प्रेस कर सकें. अगर किसी कर्मचारी को एक से ज्यादा यूनिफॉर्म की जरूरत है, तो वह कंपनी से एक्स्ट्रा यूनिफॉर्म मांग सकता है. 

एयर इंडिया ने साफ किया है कि कुछ खास मामलों में लॉन्ड्री की सुविधा जारी रहेगी. जैसे अगर किसी फ्लाइट का रूट बदलना पड़े या किसी कर्मचारी की विदेश में ट्रेनिंग हो रही हो, तो ऐसे समय पर पहले की तरह कपड़े धोने की सुविधा दी जाएगी.

फैसले से नाराज हैं कई कर्मचारी

कंपनी के इस फैसले से कई पायलट और केबिन क्रू खुश नहीं हैं. कुछ कर्मचारियों ने मजाक करते हुए कहा कि अब विदेश जाने पर उन्हें अपने साथ बाल्टी, वाशिंग पाउडर और कपड़े सुखाने के लिए रस्सी भी ले जानी पड़ेगी. उनका कहना है कि यह सुविधा उनके काम का जरूरी हिस्सा थी. वहीं, एयर इंडिया का कहना है कि कंपनी इस समय फाइनेंशियल क्राइसिस  से गुजर रही है, इसलिए खर्च कम करने के लिए ऐसे फैसले लेना जरूरी हो गया है.

 

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