Gardening Tips: अपराजिता के नीले और सफेद फूल देखने में बहुत ही सुंदर लगते हैं. ऐसे में लोग इस फूल को घर में लगाना पसंद करते हैं. अपराजिता का फूल देवताओं का बहुत ही प्रिय फूल है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि यह फूल भगवान इंद्र की बगिया में खिलने वाला फूल है. देवता अपराजिता के फूल को अपनी दिव्य शक्ति से पृथ्वी लोक में लेकर आए थे. इस फूल को घर में लगाने से घर खुशियों से भर जाता है. आप अपराजिता के पौधे को घर की बालकानी, आंगन, छत और गार्डन में आसानी से लगा सकते हैं. हम आपको बता रहे हैं अपराजिता का पौधा लगाने का एकदम सही तरीका, यदि आप इस विधि से इसे लगाएंगे तो नीले और सफेद फूलों से अपराजिता का पौधा लद जाएगा.
सही गमले का करें चुनाव
यदि आप अपराजिता का पौधा गमले में लगाना चाह रहे हैं तो सबसे पहले आपको सही गमले का चुनाव करना होगा. आपको इस पौधे को लगाने के लिए कम से कम 10-12 इंच का गमला लेना सही होगा. आप ऐसा गमले लें, जिसमें नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त ड्रेनेज होल जरूर हो. आप गमले में मिट्टी भरने से पहले नीचे थोड़े सूखे पत्ते या नारियल के छिलके के टुकड़े डाल दें ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से निकल सके.
कैसी होनी चाहिए मिट्टी
अपराजिता के पौधे को ऐसी मिट्टी पसंद है, जिसमें पानी जमा न हो और जड़ों तक हवा आसानी से पहुंच जाए. इस पौधे के लिए मिट्टी हल्की और भुरभुरी होनी चाहिए. यदि मिट्टी भारी या चिपचिपी होगी तो जड़ें सूख सकती हैं. आप मिट्टी में गोबर की खाद, रेत, कोकोपीट और गार्डन सॉइल मिलाकर पौधा लगाएं. ऐसी मिट्टी में जड़ें मजबूत होंगी और फूल भी खूब खिलेंगे.
बीज से उगाएं अपराजिता
आपको मालूम हो कि अपराजिता को बीज से आप लगा सकते हैं. इसके लिए अच्छे और स्वस्थ बीज चुनकर इन बीजों को 10-12 घंटे पानी में भिगोकर रखें. फिर गमले की नम मिट्टी में बीज आधा से एक इंच गहराई में डालें और ऊपर से हल्की मिट्टी डाल दें. कुछ दिनों के अंदर बीज अंकुरित हो जाएंगे.
कितनी धूप जरूरी
अपराजिता के पौधे को अच्छी ग्रोथ और फूलों के लिए पर्याप्त धूप की जरूरत होती है. इस पौधे को ऐसी जगह लगाएं जहां हर दिन 3 से 4 घंटे हल्की धूप आती हो. अपराजिता पौधा जब बढ़ने लगे तो उसे लकड़ी या तार से सहारा दें. ऐसा करने से बेल ऊपर की ओर फैलती है और पौधे को बेहतर आकार मिलता है.
पानी और खाद
अपराजिता के पौधे को पानी देते समय यह ध्यान रखें कि इसकी जड़ों के पास पानी खूब अधिक न लग जाए. खासकर बारिश के मौसम में अधिक पानी देना पौधे को नुकसान पहुंचा सकता है. इस पौधे के अच्छी तरह से विकास के लिए वर्मी कंपोस्ट से बनी जैविक खाद समय-समय पर डालें. ऐसा करने से पौधे में खूब फूल आएंगे.आप इस पौधे की जड़ों में चाय की पत्ती, मूंग दाल का पानी या केले के छिलके डाल सकते हैं. ये चीजें नेचुरल नाइट्रोजन और पोटैशियम पौधे को देती हैं. आप अपराजिता के पौधे में हर 15 दिन में थोड़ा सा Epsom salt पानी में घोलकर दें. ऐसा करने से पत्ते गहरे हरे रहते हैं. कीटों को पौधों से भगाने के लिए नीम ऑयल स्प्रे का इस्तेमाल कर सकते हैं.
नियमित करें कटाई-छंटाई
आपको मालूम हो कि अपराजिता एक बेलदार पौधा है. यदि अपराजिता फूल सूख जाएं या मुरझा जाएं तो उन्हें तुरंत पौधे से हटा दें. सूखी और मरी हुई पत्तियों को समय-समय पर छांटते रहें क्योंकि सूखे फूल और सूखी पत्तियां और टहनियां पौधे की एनर्जी खींच लेते हैं. आपको मालूम हो कि समय-समय पर अपराजिता पौधों की कटाई-छंटाई करने पर इसमें फैलाव आता है. हल्की छंटाई से पौधा नई शाखाएं बनाता है और ज्यादा फूल देने लगता है. महीने में एक बार छंटाई आप कर सकते हैं.