
Sadabahar Plant
Sadabahar Plant
सदाबहार का पौधा उन फूलों वाले पौधों में शामिल है, जिन्हें ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती. सही धूप, पानी और पोषण मिले तो यह लंबे समय तक रंग-बिरंगे फूल देता रहता है. लेकिन कई बार गमले में पौधा हरा-भरा तो दिखाई देता है, उसकी पत्तियां भी अच्छी रहती हैं, फिर भी फूल कम आते हैं या कलियां बनकर गिर जाती हैं. ऐसी स्थिति में सिर्फ पानी बढ़ाना सही उपाय नहीं है. मिट्टी की सेहत और पौधे को मिलने वाले पोषण पर भी ध्यान देना जरूरी है. कुछ आसान घरेलू तरीकों से सदाबहार की ग्रोथ और फ्लावरिंग को बेहतर किया जा सकता है.
केले के छिलके से बनाएं नेचुरल खाद
सदाबहार में फूल बढ़ाने के लिए केले के छिलके से तैयार लिक्विड खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है. केले के छिलकों में पोटैशियम समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पौधे की ग्रोथ में मदद कर सकते हैं.
इसके लिए 1-2 केले के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर करीब 1 लीटर पानी में 1-2 दिन भिगोकर रखें. इसके बाद पानी को छान लें. इस घोल को सीधे बहुत ज्यादा मात्रा में डालने के बजाय मिट्टी में सीमित मात्रा में दें. इसे बार-बार डालने से बचें, क्योंकि ज्यादा जैविक पदार्थ से मिट्टी में फंगस या दूसरी समस्या हो सकती है.
खाद डालने से पहले मिट्टी की गुड़ाई करें
अगर गमले की मिट्टी ऊपर से बहुत सख्त हो गई है तो खाद डालने से पहले उसकी हल्की गुड़ाई कर लें. इससे मिट्टी थोड़ी ढीली होगी और जड़ों तक हवा पहुंचने में मदद मिलेगी.

ध्यान रखें कि गुड़ाई करते समय जड़ों को नुकसान न पहुंचे. ऊपर की मिट्टी को हल्के हाथ से ही ढीला करें. इसके बाद वर्मी कम्पोस्ट की थोड़ी मात्रा मिट्टी में मिला सकते हैं. सदाबहार के लिए वर्मी कम्पोस्ट को सामान्य तौर पर हल्की मात्रा में देना बेहतर रहता है.
रोज 4-6 घंटे धूप मिलना जरूरी
सदाबहार को अच्छी ग्रोथ और फूलों के लिए पर्याप्त रोशनी चाहिए. कोशिश करें कि पौधे को रोजाना करीब 4 से 6 घंटे धूप मिले. बहुत ज्यादा छायादार जगह पर रखने से पौधा तो हरा रह सकता है, लेकिन फ्लावरिंग कम हो सकती है. अगर पौधा बालकनी में रखा है तो ऐसी जगह चुनें जहां सुबह की धूप अच्छी तरह पहुंचती हो. बहुत तेज गर्मी में पत्तियां मुरझाने लगें तो दोपहर की तेज धूप से थोड़ी राहत दी जा सकती है.
पानी देते समय न करें ये गलती
सदाबहार को जरूरत से ज्यादा पानी देना भी नुकसान पहुंचा सकता है. पानी देने से पहले ऊपर की मिट्टी को हाथ से छूकर देखें. अगर मिट्टी सूखी लग रही है तभी पानी दें. गमले के नीचे ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके. मिट्टी में पानी जमा रहने से जड़ों के खराब होने का खतरा बढ़ सकता है.
सूखे पत्ते और फूल हटाते रहें
पौधे की सूखी, पीली या खराब पत्तियों को समय-समय पर हटा दें. इसी तरह मुरझाए हुए फूल भी तोड़ते रहें. इससे पौधे की ऊर्जा नई ग्रोथ और कलियों की तरफ जाने में मदद मिल सकती है.सदाबहार की अच्छी फ्लावरिंग के लिए सिर्फ किसी एक घरेलू खाद पर निर्भर रहने के बजाय धूप, पानी, मिट्टी और पोषण का संतुलन बनाए रखना जरूरी है.