अयोध्या में मंगलवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने राहगीरों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को भी हैरान कर दिया. कोतवाली नगर क्षेत्र की सिविल लाइन चौकी के पास एक बंदर महिला के 42,105 रुपए लेकर भाग गया. काफी कोशिश के बाद भी जब लोग बंदर से पैसे नहीं छुड़ा सके तो पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने बिना जल्दबाजी किए ऐसी तरकीब अपनाई कि बंदर ने खुद ही रुपयों से ध्यान हटा लिया और पुलिस ने रकम बरामद कर ली.
बंदर के हाथ लग गए 42 हजार रुपए
मामला थाना कैंट क्षेत्र के भिखनपुर निवासी अंजू देवी से जुड़ा है. मंगलवार को उनके 42,105 रुपए एक बंदर लेकर भाग गया. बंदर को पैसे लेकर भागता देख राहगीरों ने उसे पकड़ने और रकम वापस लेने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. बंदर कभी इधर तो कभी उधर घूमता रहा और लोग उसके पीछे पैसे वापस लेने के लिए दौड़ते रहे. काफी प्रयास के बाद भी जब रकम वापस नहीं मिली तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई.
पुलिस पहुंची तो केले देकर छुड़ाए
सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक अशोक कुमार, पंकज सिंह समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने बंदर को डराने या जबरदस्ती पकड़ने के बजाय धैर्य से काम लिया. पुलिसकर्मियों ने बंदर का ध्यान रुपयों से हटाने के लिए केले का सहारा लिया. जैसे ही बंदर की नजर केले पर गई और वह उसकी ओर आकर्षित हुआ, पुलिसकर्मियों ने सावधानी से उसके कब्जे से रुपए बरामद कर लिए.
पूरे 42,105 रुपए महिला को लौटाए
रकम बरामद करने के बाद पुलिस ने उसकी पहचान और जरूरी जांच की. इसके बाद पूरे 42,105 रुपए अंजू देवी को सुरक्षित वापस कर दिए गए. पुलिस की इस सूझबूझ से महिला को बड़ी राहत मिली. वहीं, मौके पर मौजूद लोगों के लिए भी यह पूरा घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया.
पुलिस की तरकीब की हो रही तारीफ
बंदर से रुपए वापस लेने के लिए पुलिस ने जिस तरह बिना किसी हड़बड़ी के काम किया, उसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की. लोगों का कहना है कि अगर बंदर को डराने या पकड़ने की कोशिश की जाती तो वह रुपए लेकर और दूर भाग सकता था.
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