उत्तर प्रदेश के बांदा में कागजों में मृत दिखाकर एक बुजुर्ग की वृद्धा पेंशन और किसान सम्मान निधि रोक दी गयी. पीड़ित बुजुर्ग गांव के प्रधान, सचिव से लेकर ब्लॉक, तहसील सभी जगह अपने आपको जिंदा साबित करने की फरियाद लेकर घूमता रहा. लेकिन सिस्टम की लापरवाही और लेटलतीफी के चलते अब तक बुजुर्ग कागजों में मृत है. खुद को जिंदा करने की उनकी सारी कोशिशें नाकाम साबित हुई है. अब बुजुर्ग ने डीएम ऑफिस पहुंचकर खुद को जिंदा करने की गुहार लगाई.
खुद को 'जिंदा' करने के लिए DM से बुजुर्ग की गुहार-
बुजुर्ग का कहना है कि सरकारी योजनाओं के लाभ से उसका जीवन चलता था, दोनों कान से बहरे हैं, पैरों से ठीक से चल नहीं पाते. पेंशन रुकने से उसको जीवन जीने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. पीड़ित परिवार का कहना है कि कार्रवाई न होने पर वो CM योगी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग करेंगे. फिलहाल डीएम ऑफिस में मौजूद अफसरों ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं. अफसरों का कहना है कि जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
कागजों में बुजुर्ग की मौत-
मामला अतर्रा तहसील क्षेत्र का है, जहाँ के रहने वाले 68 साल के किसान रामखेलावन ने बताया कि पिछले दो सालों से वृद्ध पेंशन और किसान सम्मान निधि रोक दी गयी है. सचिव और प्रधान पर आरोप लगाया कि इनसे कई बार कहा गया. लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई. जिसके बाद बुजुर्ग ने ब्लॉक, तहसील, विकास भवन तक में शिकायत की. लेकिन लापरवाही ये हैं कि अब तक कागजों में बुजुर्ग मृत हैं.
बुजुर्ग की गुहार-
बुजुर्ग अब डीएम ऑफिस पहुँचकर डीएम से जिंदा करने की गुहार लगाई है, पीड़ित बुजुर्ग का कहना है कि साहब एक तो दोनों कानों से सुनाई नहीं देता, बगैर डंडा लेकर चल नहीं पाता, एक सरकारी स्कीम से आने वाला पैस जीवन जीने का सहारा था, वो भी इन अफसरों ने छीन लिया. उसने अब थक हारकर CM योगी से जिंदा करके सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है.
BDO ने जांच का दिया हवाला-
BDO धनराज ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, मामले में जांच करके आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसने भी ऐसी गलती की है, उसकी भी जिम्मेदारी तय की जाएगी. बुजुर्ग की मदद की जाएगी.
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