सर्दियों में शरीर को गर्म रखने और पोषण प्रदान करने के लिए बाजरे की खिचड़ी एक बेहतरीन विकल्प है. यह भारतीय रेसिपी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. बाजरे में फाइबर, प्रोटीन और कई आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो सर्दियों में शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं.
बाजरे की खिचड़ी बनाने के लिए सबसे पहले बाजरे को अच्छी तरह धोकर रातभर पानी में भिगोना आवश्यक है. अगले दिन इसे छलनी में रखकर पानी निकाल दें और कपड़े पर फैला कर सुखा लें. बाजरे के ऊपर मौजूद फाइबर को हटाने के लिए इसे मिक्सी के पल्स मोड पर चलाएं. इस प्रक्रिया से बाजरे का छिलका अलग हो जाता है और खिचड़ी के लिए बाजरा तैयार हो जाता है.
खिचड़ी में मूंग दाल और सब्जियों का महत्व
खिचड़ी में पौष्टिकता बढ़ाने के लिए मूंग दाल और ढेर सारी सब्जियां जैसे गाजर, मटर, फूलगोभी, टमाटर और आलू का उपयोग किया जाता है. मूंग दाल को धोकर कुकर में डालें और बाजरे के साथ मिलाएं. घी में जीरा, हरी मिर्च और अदरक का तड़का लगाकर इसमें दाल और बाजरा डालें. इसके बाद सब्जियां और मसाले जैसे हल्दी, कश्मीरी लाल मिर्च और नमक डालें.
खिचड़ी को कुकर में धीमी आंच पर पकाएं. कुकर की सीटी आने के बाद इसे 7-8 मिनट तक पकने दें. खिचड़ी तैयार होने के बाद इसे हरा धनिया डालकर सजाएं. अगर खिचड़ी गाढ़ी लगे तो इसमें थोड़ा गर्म पानी मिलाया जा सकता है.
स्वाद और सेहत का मेल
बाजरे की खिचड़ी को अचार, पापड़, दही और घी के साथ परोसें. यह खिचड़ी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि सर्दियों में शरीर को गर्म रखने और पोषण प्रदान करने में मदद करती है. बाजरे, ज्वार और रागी जैसे अनाज को अपने रोजाना के भोजन में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है.