34 साल पुराने मामले में 84 वर्षीय बुजुर्ग को 3 साल की सजा, चार को 10-10 साल जेल, सहारा देकर कोर्ट ले जाते दिखे पुलिसकर्मी

84 साल के दीप राय को उम्र को देखते हुए 3 साल की सजा दी गई है. हालांकि, उन्हें फिलहाल जमानत भी मिल गई है. कोर्ट ने सभी पांच दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

34 साल पुराने केस में 84 वर्षीय बुजुर्ग दोषी
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:17 PM IST
  • बिहार कोर्ट का 34 साल पुराने केस में बड़ा फैसला
  • इसके बाद कहानी में आया मोड़

बिहार के वैशाली जिले में एक 34 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-I मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने मामले में पांच दोषियों को सजा सुनाई, जिनमें एक 84 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल है.

चार दोषियों को 10-10 साल की सजा
कोर्ट ने चार आरोपियों जगदीश राय, नरेश राय, नागदेव राय और नककेश्वर राय को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई. वहीं, 84 वर्षीय दीप राय को उम्र को देखते हुए 3 साल की सजा दी गई है. हालांकि, बुजुर्ग दोषी को फिलहाल प्रोविजनल बेल भी दी गई है. कोर्ट ने सभी पांच दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी लागू होगा.

1992 में गांव में हुआ था हमला
यह पूरा मामला 10 नवंबर 1992 का है. वैशाली जिले के जुरावनपुर गांव में अदालत राय और उनकी पत्नी रामसखी देवी अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी आरोपियों ने कथित तौर पर वहां पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया. आरोप है कि पहले रास्ते पर कांच के टुकड़े फेंके गए और जब दंपती ने विरोध किया तो उन पर हमला कर दिया गया और गोली भी चलाई गई, जिससे वे घायल हो गए.

 

दशकों तक चला लंबा ट्रायल
पुलिस ने इस मामले में मार्च 1993 में चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि 1999 में आरोप तय किए गए. इसके बाद केस कई दशकों तक अदालत में चलता रहा. इस दौरान चार आरोपियों की मौत भी हो गई.

आईपीसी और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी
कोर्ट ने दोषियों को आईपीसी की धारा 148 और 307 समेत आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत दोषी माना. सरकारी पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक ख्वाजा हसन खान ने मामले की पुष्टि की. करीब साढ़े तीन दशक तक चले इस केस में आखिरकार अदालत ने फैसला सुनाकर पीड़ित पक्ष को न्याय दिया. यह मामला जिले के सबसे लंबे समय से लंबित आपराधिक मामलों में से एक माना जा रहा है.

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