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Success Story of Toppers: JEE Advanced 2026 में तीन छात्रों ने मारी बाजी, बताया सफलता का राज... 18 नहीं, 12 घंटे के अनुशासित रूटीन ने दिलाए 330 अंक और AIR-1 का मुकाम

हर साल लाखों छात्र IIT में एडमिशन लेने का सपना देखते हैं, लेकिन कुछ ही हैं जो इस सपने को जीते हैं. कल JEE Advanced 2026 के परिणाम घोषित किए गए, जिसमें लगभग 56.5 हजार छात्र ही सफल हुए. इस परीक्षा में बिहर के रहने वाले शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक लाकर सबको चौंका दिया. वहीं इस परीक्षा में दो और अभ्यार्थी ने AIR 1 और 2 रेंक हासिल किया. जानें उन्होंने अपनी पढ़ाई को लेकर अपनी स्ट्रेटेजी के बारे में क्या कुछ बताया.

JEE Advanced 2026 toppers: (l to r) Shubham Kumar, Kabeer Chhillar, Jatin Chahar and Arohi Deshpande JEE Advanced 2026 toppers: (l to r) Shubham Kumar, Kabeer Chhillar, Jatin Chahar and Arohi Deshpande

देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में गिने जाने वाले JEE Advanced 2026 का परिणाम 31 मई को घोषित कर दिया गया. IIT कानपुर की ओर से जारी नतीजों में बिहार के गया निवासी शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 प्राप्त की. इस साल परीक्षा में 1,87,389 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,79,694 अभ्यर्थी दोनों पेपर में शामिल हुए. कुल 56,880 उम्मीदवारों ने परीक्षा क्वालिफाई की, जिनमें 10,107 छात्राएं भी शामिल हैं.

IIT दिल्ली जोन का दबदबा, टॉप-3 पर कब्जा
इस बार JEE Advanced में IIT दिल्ली जोन का दबदबा देखने को मिला. शुभम कुमार ने AIR-1 हासिल की, जबकि कबीर छिल्लर ने 329 अंक के साथ AIR-2 और जतिन चाहर ने 319 अंक के साथ AIR-3 प्राप्त की. खास बात यह रही कि तीनों टॉप रैंक धारक IIT दिल्ली जोन से हैं.

बहन से मिली प्रेरणा, शुभम बने देश के नंबर-1 छात्र
AIR-1 हासिल करने वाले शुभम कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों को दिया है. बिहार के रहने वाले शुभम की बड़ी बहन IIT पटना से बीटेक कर रही हैं. शुभम का कहना है कि बहन को देखकर ही उन्हें IIT की तैयारी करने की प्रेरणा मिली.

18 नहीं 6-6 घंटे की स्ट्रेटजी अपनाई
उन्होंने बताया कि सफलता के लिए 16-18 घंटे पढ़ने की जरूरत नहीं होती. वह रोज करीब 6 घंटे कोचिंग और लगभग 6 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे. शुभम के अनुसार गलतियों की समीक्षा करना और दोस्तों के साथ डाउट डिस्कशन करना तैयारी का अहम हिस्सा रहा.

उन्होंने कहा कि परीक्षा शुरू होने से पहले तनाव जरूर रहता है, लेकिन पेपर शुरू होते ही सब नॉर्मल हो जाता है. भविष्य के अभ्यर्थियों को उन्होंने सलाह दी कि वे अपने शिक्षकों और मेंटर्स की बातों पर भरोसा करें और हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण जरूर करें.

AIR-2 कबीर छिल्लर बोले- घंटों नहीं, पढ़ाई की गुणवत्ता मायने रखती है
सिर्फ एक अंक से टॉप रैंक से चूकने वाले कबीर छिल्लर ने 329 अंक हासिल कर AIR-2 प्राप्त की. कबीर का मानना है कि सफलता का संबंध केवल लंबे समय तक पढ़ाई करने से नहीं है. उन्होंने कहा कि अकसर यह धारणा बना दी जाती है कि टॉपर बनने के लिए रोज 15-16 घंटे पढ़ना जरूरी है, जबकि ऐसा नहीं है. उनके मुताबिक अगर कॉन्सेप्ट मजबूत हैं तो चीजें लंबे समय तक याद रहती हैं. इसलिए पढ़ाई के घंटों से ज्यादा उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए. कबीर ने मेहनत, अनुशासन और निरंतरता को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया.

AIR-3 जतिन चाहर की सफलता का मंत्र बना अनुशासित रूटीन
319 अंक के साथ AIR-3 हासिल करने वाले जतिन चाहर ने अपनी तैयारी पूरी तरह तय दिनचर्या के अनुसार की. उनका दिन सुबह 6 बजे शुरू होता था. कोचिंग सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलती थीं. इसके बाद आराम कर वह दोबारा पढ़ाई शुरू करते थे. सबसे पहले क्लास में पढ़ाए गए नोट्स का रिवीजन करते और फिर प्रैक्टिस शीट व सवाल हल करते थे. जतिन शाम को कुछ समय मानसिक ताजगी के लिए भी निकालते थे और रात में अगले दिन की पढ़ाई की योजना बनाकर सोते थे. उनका मानना है कि नियमितता और लगातार अभ्यास ही अच्छे परिणाम की नींव रखते हैं.

आरोही देशपांडे बनीं महिला टॉपर
इस साल आरोही देशपांडे ने 280 अंक हासिल कर महिला अभ्यर्थियों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया. उनकी कॉमन रैंक लिस्ट (CRL) रैंक 77 रहा. आरोही का कहना है कि उन्होंने परीक्षा को लेकर खुद पर ज्यादा दबाव नहीं बनाया. वह शांत और रिलैक्स मानसिकता के साथ परीक्षा में शामिल हुईं. उनका मानना है कि जरूरत भर की नींद लेना भी सफलता के लिए उतना ही जरूरी है जितनी पढ़ाई. उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान व्यवस्थित नोट्स बनाने और खासकर केमिस्ट्री के लिए कलर कोडिंग तकनीक का इस्तेमाल किया. आरोही के मुताबिक लंबे तैयारी सफर में मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है.

अब JoSAA काउंसलिंग पर छात्रों की नजर
JEE Advanced 2026 के नतीजे आने के बाद अब सभी सफल अभ्यर्थियों की नजर JoSAA 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया पर है. इसी प्रक्रिया के जरिए IIT, NIT, IIIT और अन्य भाग लेने वाले संस्थानों में दाखिले तय होंगे.

देशभर के लाखों छात्रों के लिए यह परीक्षा सिर्फ एक रिजल्ट नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत का परिणाम है. शुभम कुमार, कबीर छिल्लर, जतिन चाहर और आरोही देशपांडे की सफलता की कहानियां यह बताती हैं कि लगातार मेहनत, सही रणनीति और आत्मविश्वास किसी भी बड़े लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता बना सकते हैं.
 

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