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Bihar Food: जायका-ए-बिहार... सिलाव का खाजा हो या मुजफ्फरपुर की शाही लीची, बिहार के इन जिलों में छिपा है स्वाद का अनमोल खजाना

बिहार में 38 जिले हैं और हर जिले में खान-पान का एक अलग रंग देखने को मिलता है. कुछ पारंपरिक हैं तो कुछ स्वाद बाहर से आकर जुड़े, लेकिन बिहार वालों ने उसे उसी अपनापन के साथ अपनाया. चलिए आज चर्चा करते हैं बिहार के उन्हीं स्वादों पर.

जायका-ए-बिहार
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:13 PM IST

बिहार सिर्फ अपनी संस्कृति और इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अनोखे खान-पान के लिए भी जाना जाता है. यहां के 38 जिलों में हर जगह का स्वाद अलग है. बिहार में कहीं मिठास है, कहीं देसी खान-पान, तो कहीं परंपरा की खुशबू बसती है. चलिए जानते हैं ऐसे ही जिलों के बारे में, जहां का खाना अपनी अलग पहचान रखता है.

सिलाव (नालंदा) का खाजा खाया?
नालंदा जिले का सिलाव अपने खाजा के लिए देशभर में मशहूर है. यहां के खाजा में कई परतें होती हैं, जो मुंह में जाते ही क्रंच के साथ थोड़ी देर में ऐसे घुल जाती हैं, जैसे कागज पानी में मिलते ही.

मुजफ्फरपुर की शाही लीची
अगर आप लीची खाने के शौकीन हैं, तो जीवन में आपने एक बार मुजफ्फरपुर की शाही लीची जरूर खाई होगी. यहां की लीची विदेशों में भेजी जाती है. अकेले मुजफ्फरपुर देश का 40 प्रतिशत लीची उत्पादक है. इस लीची का स्वाद बाकी लीची से कहीं अलग होता है.

गया का मिठास तिलकुट
गया का तिलकुट खासतौर पर सर्दियों में खूब पसंद किया जाता है. तिल और गुड़ से बना यह मिठाई स्वाद और सेहत दोनों में बढ़िया है. इसे खास तौर पर मकर संक्रांति के वक्त बनाया जाता है, और देश के दूसरे राज्यों में भेजा जाता है.

सिल्क सिटी भागलपुर की बालूशाही
अगर आपको लगता है कि भागलपुर सिर्फ सिल्क के लिए जाना जाता है, तो ऐसा नहीं है. भागलपुर धरोहर और सिल्क के अलावा बालूशाही के लिए भी जाना जाता है. जिसने एक बार भी यहां की बालूशाही खाई है, उसे जीवन भर यह स्वाद याद रह जाता है.

पटना का लिट्टी-चोखा
अगर बिहार का असली लिट्टी-चोखा खाना है, तो पटना जाइए. यहां सड़क किनारे ठेले पर मिलने वाले लिट्टी-चोखा का स्वाद सबसे अच्छा होता है, खासकर मौर्या लोक के पास का. यहां सत्तू भरी, घी में डूबी लिट्टी और हरी मिर्च के साथ प्याज में भुना चोखा शायद ही किसी को पसंद न आए.

आरा की कढ़ी-बड़ी
आरा की कढ़ी-बड़ी का स्वाद दूसरी कढ़ी से अलग ही नहीं होता है, बल्कि इसे बनाने का तरीका भी अलग है. खट्टी दही और बेसन में डूबी बड़ी को एक बार गरम-गरम चावल के साथ खा लेंगे, तो कहीं और की कढ़ी का स्वाद भूल जाएंगे.

छपरा की लिट्टी मटन
आपने लिट्टी-चोखा तो खा ही रखा होगा, लेकिन अगर कभी छपरा जाएं तो हथुआ मार्केट जरूर जाइए. वहां सड़क किनारे मिलने वाले लिट्टी मटन की खुशबू आपकी भूख और बढ़ा देगी. छपरा का लिट्टी मटन दुनियाभर में फेमस है.

दरभंगा का मखाना खीर
मिथिला बेल्ट में पड़ने वाला दरभंगा कई चीजों के लिए जाना जाता है. लेकिन यहां उगने वाले मखाने को GI टैग प्राप्त है. यहां मखाना की कमाल की खीर बनाई जाती है, जिसे खा लेंगे तो नॉर्मल खीर को भूल जाएंगे.

मधुबनी का पान
मधुबनी का पान अपने खास स्वाद और खुशबू के लिए जाना जाता है. यहां का पान खाने का अलग ही मजा है. यहां कई त्योहारों पर महिलाएं पान खाती हैं. यहां आपको घर-घर पानदानी देखने को मिल जाएगा.

सिवान की मिठास खोए की गुजिया
सिवान में मिलने वाली खोए की गुजिया बहुत स्वादिष्ट होती है. इसमें खोया को मैदे के अंदर भरा जाता है, फिर मैदे को तलकर उसे चाशनी में डालकर तैयार किया जाता है.

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