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रोड एक्सीडेंट के बाद डॉक्टरों ने किया ब्रेन डेड घोषित, परिवार ने दी Organ Donation की अनुमति, बची 5 लोगों की जान

चेन्नई में रोड एक्सीडेंट में घायल एक कॉलेज छात्र को रिले अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां पर उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया. इसके बाद, परिवार की सहमति से छात्र के महत्वपूर्ण अंगों को ट्रांसप्लांट के लिए दिया गया.

Organ Donation
निशा डागर तंवर
  • नई दिल्ली ,
  • 21 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 3:15 PM IST
  • रोड एक्सीडेंट के बाद 19 वर्षीय छात्र को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था
  • परिवार ने दी अंगदान की अनुमति, बची 5 लोगों की जान

कई बार लोग दुनिया से जाने के बाद भी दूसरों के जीवन में उजाला कर जाते हैं. ऐसी ही एक घटना चेन्नई में देखने को मिली. जहां रोड एक्सीडेंट के बाद एक 19 वर्षीय छात्र को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था. लेकिन जाते-जाते इस छात्र ने पांच लोगों को नया जीवन दिया है. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक कॉलेज छात्र का इस महीने की शुरुआत में शहर के बाहरी इलाके में ग्रैंड सदर्न ट्रंक (जीएसटी) रोड पर एक्सीडेंट हो गया था. 

इसके बाद, किशोर को तुरंत एक निजी अस्पताल में ले जाया गया जो दुर्घटनास्थल के आसपास था. वहां से इस छात्र को इलाज के लिए चेन्नई के रिले अस्पताल में भेजा गया. हालांकि, तमाम कोशिशों के बाद भी छात्र को बचाया नहीं जा सका और उसे 'ब्रेन इनएक्टिव/डेड' घोषित कर दिया गया. 

परिवार ने दी अंगदान की अनुमति
लेकिन इस किशोर के महत्वपूर्ण अंग ठीक से काम कर रहे थे. इसलिए अस्पताल के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परिवार को अंगदान के बारे में बताया, और वे अपने बेटे के महत्वपूर्ण अंगों को दान करने के लिए सहमत हो गए. तमिलनाडु सरकार ने ब्रेन-डेड छात्र के अंगदान के लिए कानूनी प्राधिकरण को मंजूरी दी. 

छात्र की बहन का कहना है कि परिवार ने वही किया जो उसका भाई चाहता. क्योंकि वह हमेशा लोगों की मदद करने के लिए आगे रहता था. उसने कभी जरूरतमंद लोगों की मदद करने में कभी संकोच नहीं किया.

बचाई 5 लोगों की जान 
परिवार से मंजूरी लेने के बाद, छात्र की दोनों किडनी, लिवर, दोनों फेफड़े और दिल को दूसरे मरीजों में ट्रांसप्लांट के लिए भेजा गया. एक मरीज को एक किडनी और एक दिल दिया गया तो अन्य अंग दूसरे चार मरीजों को दिए गए. ट्रांसप्लांट अथॉरिटी गवर्नमेंट ऑफ़ तमिलनाडु (TRANSTAN) के सदस्य सचिव आर कांतिमथी का कहना है कि हर जीवन महत्वपूर्ण है और हर कोई जीने का हकदार है. 

उन्होंने छात्र के परिवार का आभार जताया जो अंगदान जैसे नेक काम के लिए आगे आए और कई लोगों के जीवन में बदलाव किया. 

 

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