Donkey Farming: सरकार लाई खास योजना, अब गधा पालिए और कमाइए लाखों

देश में जहां एक ओर इंसानों की आबादी तेजी से बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर गधों की संख्या तेजी से कम होती जा रही है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले करीब 14 वर्षों में देश में गधों की आबादी में लगभग 60% की गिरावट आई है.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:00 PM IST

अगर आपसे कोई कहे कि गधे पालने पर भी आपको लाखों रुपये मिल सकते हैं, तो शायद आप पहले इसे मजाक समझें. लेकिन अब ऐसा सच में संभव है. देश में तेजी से घट रही गधों की संख्या को देखते हुए सरकार ने खास योजना शुरू की है. इसके तहत अगर कोई व्यक्ति गधा पालन का बिजनेस शुरू करता है तो उसे 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है.

गधा पालन को बढ़ावा दे रही सरकार
देश में जहां एक ओर इंसानों की आबादी तेजी से बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर गधों की संख्या तेजी से कम होती जा रही है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले करीब 14 वर्षों में देश में गधों की आबादी में लगभग 60% की गिरावट आई है. यही वजह है कि अब केंद्र सरकार ने गधों के संरक्षण और उनके पालन को बढ़ावा देने के लिए खास योजना शुरू की है.

देश में सिर्फ 1.23 लाख गधे बचे
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल देश में करीब 1.23 लाख गधे ही बचे हैं. यह संख्या 2012 की तुलना में लगभग 60% कम है.

विशेषज्ञों के मुताबिक पहले गधों का इस्तेमाल ईंट, रेत और अन्य सामान ढोने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता था. लेकिन अब ट्रक, ट्रैक्टर और पिकअप जैसे वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण गधों की जरूरत कम हो गई है.

जब लोगों ने गधों का उपयोग कम करना शुरू किया तो उन्हें पालना भी धीरे-धीरे बंद कर दिया गया. इसी वजह से उनकी संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है.

गधा पालन को मिलेगा स्टार्टअप का दर्जा
सरकार चाहती है कि गधों की नस्ल पूरी तरह खत्म न हो जाए. इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत गधा पालन को बढ़ावा देने का फैसला किया गया है.

इस योजना के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति, किसान उत्पादक संगठन (FPO), स्वयं सहायता समूह (SHG), जॉइंट लाइबिलिटी ग्रुप (JLG) या किसान सहकारी संगठन (FCO) गधा पालन का प्रोजेक्ट शुरू करना चाहता है, तो उसे आर्थिक मदद दी जाएगी.

सरकार इस योजना के तहत प्रोजेक्ट की कुल लागत का 50% तक सब्सिडी देगी, जिसकी अधिकतम सीमा 50 लाख रुपये तय की गई है. यानी अगर कोई व्यक्ति 1 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू करता है तो उसे 50 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है.

राज्य सरकारों को भी मिलेगी आर्थिक मदद
केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को भी इस योजना से जोड़ा है. अगर कोई राज्य सरकार गधों, घोड़ों या ऊंटों की नस्ल को बचाने के लिए प्रजनन केंद्र या न्यूक्लियस ब्रीडिंग फार्म शुरू करना चाहती है, तो उसे केंद्र सरकार की ओर से 10 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी.

योजना के लिए तय की गई हैं कुछ शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं. उदाहरण के तौर पर गधा पालन की न्यूनतम यूनिट 55 गधों की होगी, जिसमें 50 मादा और 5 नर गधे शामिल होंगे. इसके अलावा पाले जाने वाले गधे स्वदेशी नस्ल के होने चाहिए. सब्सिडी की राशि दो किस्तों में दी जाएगी. पहली किस्त बैंक से लोन मिलने के बाद और दूसरी किस्त प्रोजेक्ट पूरा होने पर जारी की जाएगी.

गधी के दूध से बने उत्पादों पर भी जोर
सरकार और कुछ संस्थान गधी के दूध से बनने वाले उत्पादों को भी बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि गधी का दूध स्वास्थ्य और त्वचा के लिए फायदेमंद माना जाता है.

ऐसे कर सकते हैं आवेदन
अगर कोई व्यक्ति इस योजना का लाभ लेना चाहता है तो वह राष्ट्रीय पशुधन मिशन की आधिकारिक वेबसाइट nlm.udyamimitra.in पर जाकर आवेदन कर सकता है. आवेदन के बाद बैंक से लोन लेकर गधा पालन का प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है.

 

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