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Gurugram Jungle Safari: पर्यटन को बढ़ावा देने और होम स्टे पॉलिसी को आगे बढ़ाने के लिए गुरुग्राम के 10 हजार एकड़ क्षेत्र में बनेगी जंगल सफारी

पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से गुरुग्राम में दुनिया का सबसे बड़ी जंगल सफारी खुलने वाली है. राज्य सरकार ने कहा कि केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस संबंध में शारजाह सफारी का दौरा किया.

Gurugram Jungle Safari
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 11:35 AM IST
  • पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
  • कई एकड़ में फैला है क्षेत्र

हरियाणा अरावली रेंज में दुनिया का सबसे बड़ा जंगल सफारी पार्क बनने वाला है. इस बात की जानकारी राज्य सरकार ने एक बयान के जरिए दी. बता दें कि 10,000 एकड़ का सफारी पार्क गुरुग्राम और नूंह जिलों को कवर करेगा. यह परियोजना दुनिया में इस तरह की सबसे बड़ी परियोजना होगी.

कई एकड़ में फैला है क्षेत्र
अभी शारजाह अफ्रीका के बाहर सबसे बड़ा क्यूरेटेड सफारी पार्क है. फरवरी 2022 में खोला गया, शारजाह सफारी लगभग 2,000 एकड़ के क्षेत्र में फैला है. सरकार ने बयान में कहा,"प्रस्तावित अरावली पार्क इस आकार से पांच गुना अधिक होगा और इसमें एक बड़ा हर्पेटेरियम (रेपटाइल्स और जल और थल दोनों में रह सकने वाला प्राणियों के लिए एक स्थान), एवियरी / पक्षी पार्क, बड़ी बिल्लियों के लिए चार क्षेत्र, शाकाहारी जीवों के लिए एक बड़ा क्षेत्र, विदेशी पशु पक्षी, एक पानी के नीचे की दुनिया, प्रकृति के रास्ते, विजिटर टूरिज्म जोन, पर्यटन क्षेत्र, वनस्पति उद्यान, बायोम, भूमध्यरेखीय, कोस्टल, तटीय, रेगिस्तान,आदि एक क्षेत्र शामिल होगा." 

राज्य सरकार ने कहा कि केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस संबंध में शारजाह सफारी का दौरा किया. मनोहर लाल खट्टर बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर दुबई पहुंचे. 29 सितंबर को वापस आने के बाद खट्टर ने कहा कि हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में जंगल सफारी के विकास की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि जंगल सफारी योजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी.

डिजाइनिंग के लिए दो कंपनियों का चुनाव
सीएम खट्टर ने कहा, "हरियाणा की जंगल सफारी परियोजना पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और हरियाणा सरकार की संयुक्त परियोजना होगी. इस योजना के तहत, केंद्र सरकार परियोजना के लिए हरियाणा को धन भी मुहैया कराएगी." मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए कई लोगोम ने रुचि दिखाई और ऐसी सुविधाओं के डिजाइन और संचालन में अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाली दो कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है.

उन्होंने आगे कहा, "कंपनियां अब पार्क की डिजाइनिंग, देखरेख और संचालन के लिए एक अंतरराष्ट्रीय डिजाइन प्रतियोगिता में प्रतिस्पर्धा करेंगी. परियोजना के प्रबंधन के लिए एक अरावली फाउंडेशन की स्थापना की जाएगी." मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने क्षेत्र का मूल्यांकन अध्ययन किया है और इस तरह के पार्क की स्थापना की तकनीकी व्यवहार्यता पर सहमति व्यक्त की है.

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने कहा कि एक तरफ जंगल सफारी विकसित करने से अरावली पर्वत श्रृंखला को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, जबकि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पर्यटन के लिए आएंगे, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा होंगे.इसके अलावा, आसपास के गांवों के ग्रामीणों को होम स्टे नीति से लाभ होगा. अरावली पर्वत श्रृंखला पक्षियों, जंगली जानवरों और तितलियों की कई प्रजातियों का घर है. हरियाणा सरकार के बयान के अनुसार, कुछ साल पहले किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, अरावली रेंज में पक्षियों की 180 प्रजातियां, स्तनधारियों की 15 प्रजातियां, जलीय जानवरों और रेप्टाइल्स की 29 प्रजातियां और तितलियों की 57 प्रजातियां पाई गईं थीं.

 

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