गुड़हल के पौधे पर लाल-लाल और बड़े फूल खिलते हुए देखना हर किसी को अच्छा लगता है. लेकिन कई बार सही देखभाल के बावजूद पौधे में फूल आना बंद हो जाते हैं. कभी कलियां खिलने से पहले ही झड़ जाती हैं, तो कभी पौधे की पत्तियां तो खूब बढ़ती हैं, लेकिन फूल नजर नहीं आते. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप घर में रखी 2 रुपये की कॉफी की मदद से पौधे के लिए लिक्विड खाद तैयार कर सकते हैं.
जी हां, गुड़हल के पौधे की देखभाल के लिए कॉफी का इस्तेमाल किया जा सकता है. कॉफी में कुछ मात्रा में नाइट्रोजन होती है, जो पौधे की पत्तियों और नई शाखाओं की बढ़त में मदद करती है. हालांकि, कॉफी डालने से पौधे में फूल आने की गारंटी नहीं होती. इसके लिए धूप, पानी और मिट्टी का सही होना भी जरूरी है.
खाद बनाने के लिए चाहिए ये चीजें
कॉफी की लिक्विड खाद बनाने के लिए आपको ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसके लिए एक लीटर पानी और बिना चीनी वाला एक छोटा चम्मच सादा कॉफी पाउडर लें. ध्यान रखें कि कॉफी में दूध, चीनी या कोई दूसरी चीज मिली हुई न हो.
इस तरह बनाएं कॉफी का घोल
सबसे पहले एक साफ बर्तन में एक लीटर पानी लें. अब इसमें एक छोटा चम्मच कॉफी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें. ध्यान रखें कि कॉफी की मात्रा ज्यादा न हो. इस घोल को सीधे पौधे में डालने के बजाय पहले मिट्टी की जरूरत और उसकी स्थिति को समझें. कॉफी का इस्तेमाल बार-बार या ज्यादा मात्रा में करने से मिट्टी की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है.
गुड़हल के पौधे में कैसे डालें कॉफी की खाद?
कॉफी के घोल का इस्तेमाल करने से पहले मिट्टी की नमी और पौधे की स्थिति देख लें. अगर मिट्टी पहले से गीली है, तो उसमें अतिरिक्त पानी डालने से बचें. कॉफी का गाढ़ा घोल सीधे जड़ों में डालने या पत्तियों पर स्प्रे करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे पौधे को नुकसान पहुंच सकता है. बेहतर है कि फूलों वाले पौधों के लिए बनी संतुलित खाद का इस्तेमाल करें और कॉफी को केवल सीमित मात्रा में आजमाएं.
इन बातों का भी रखें ध्यान
गुड़हल में ज्यादा फूल पाने के लिए पौधे को रोजाना करीब 5-6 घंटे धूप मिलना जरूरी है. मिट्टी में पानी जमा नहीं होना चाहिए और जरूरत के अनुसार सिंचाई करनी चाहिए. सूखी टहनियों और मुरझाए फूलों को समय-समय पर हटा दें. अगर पौधे में लगातार कलियां झड़ रही हैं या फूल नहीं आ रहे हैं, तो धूप, पानी, कीटों और मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी की जांच करें. सही देखभाल के साथ पौधे की बढ़त बेहतर हो सकती है और उसमें फूल खिलने की संभावना बढ़ती है.
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