हल्दी के बिना दाल, सब्जी बनाने की सोच भी नहीं सकते हैं. इसके बिना स्वाद फीका रह जाता है. सब्जी को देखने के साथ खाने में भी आनंद नहीं आता है. हर किचन में रोजाना हल्दी का इस्तेमाल होता है. इसके साथ ही हल्दी का कई बार इस्तेमाल दवाई के तौर पर भी करते हैं. लेकिन ज्यादातर लोग इसे मार्केट से खरीदकर लाते हैं. जबकि इसे घर में उगाना काफी आसान है. हल्दी को घर की छत या बालकनी में उगा सकते हैं. चलिए इसे उगाने का पूरा तरीका बताते हैं.
गमले में उगा सकते हैं हल्दी-
हल्दी उगाने के लिए किसी बड़े जगह की जरूरत नहीं होती है. इसे आसानी से बालकनी में किसी गमले में उगाया जा सकता है. अगर गमला बड़ा है तो उसमें दो से तीन हल्दी की गांठें लगाई जा सकती हैं. घर में चार से छह गमलों में हल्दी लगा देने पर घरेलू जरूरत के लिए पर्याप्त उपज मिल सकती है.
अदरक लगाने का तरीका-
अदरक लगाने के लिए सबसे पहले ऐसे अदरक का चयन करना चाहिए, जिसपर छोटी-छोटी अंकुर दिखाई दें. इसे सफेद आंखें भी कहते हैं. अगर आंखें दिखाई न दें तो उसे कुछ घंटे पानी में भिगोकर रखें. अदरक को लगाने के लिए सबसे जरूरी मिट्टी का चयन है. मिट्टी से जल निकासी की सुविधा होनी चाहिए.
2-3 इंच गहराई में लगाएं गांठ-
गमले में तैयार मिट्टी भरने के बाद हल्दी की गांठ को करीब 2 से 3 इंच की गहराई में लगाएं. गांठ को ऐसे रखना चाहिए कि आंख वाला हिस्सा ऊपर की तरफ हो. गांठ लगाने के बाद हल्का पानी दें. गमले को ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां पर्याप्त धूप मिलती हो. कुछ दिनों में गांठ अंकुरित होने लगती है.
कितने दिनों में तैयार होती है हल्दी-
हल्दी को तैयार होने में बाकी मसालों से ज्यादा वक्त लगता है. हल्दी के कंद बनने और खुदाई के लायक होने में करीब 10 महीने लगते हैं. अदरक लगाने का सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून का होता है.
कैसे करें हल्दी के पौधे की देखभाल?
हल्दी के पौधे के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी बनाए रखना जरूरी है. मौसम और मिट्टी की स्थिति के अनुसार सप्ताह में करीब 2 से 3 बार पानी देना चाहिए. लेकिन एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि गमले में पानी जमा न हो. अगर पानी जमा होगा तो हल्दी की जड़ें सड़ सकती हैं. पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए इसमें समय-समय पर जैविक खाद देना चाहिए. खाद एक महीने के अंतराल पर डालना चाहिए.
ये भी पढ़ें: