आज के समय में लोगों को दफ्तर, कैब, घर यानी लगभग हर जगह एसी में रहने की आदत हो चुकी है. यह आदत इतनी खराब है कि अब लोगों से बाहर की गर्मी जरा भी बर्दाश्त नहीं हो पाती है. इसलिए वह दो दिन भी बिना एसी के नहीं रह सकते.
गर्मियों में राहत पाने के लिए एसी लगवाना जितना आसान लगता है, असल में उसको पूरे एक सीजन चलाने में काफी खर्च हो जाता है. यह खर्च एसी के टन, उसकी मेंटेनेंस से लेकर बिजली की खपत सब को जोड़ कर निकाला जाता है. ऐसे में आपका एसी एक सीजन में आपकी जेब पर कितने रुपए की चपत लगाएगा, इसको कैसे आप आसानी के कैलकुलेट कर सकते हैं. चलिए आपको पूरी मैथ्स समझाते हैं.
कितने टन का है आपका एसी
आमतौर पर एसी 1 टन, 1.5 टन और 2 टन में मौजूद रहते हैं. 1 टन का मतलब होता है 1000 वॉट. उदाहरण के लिए 1 टन वाला एसी एक सीजन में कितना खर्च करवाएगा उसे कैलकुलेट करते हैं.
1 टन वाले एसी की एक घंटे की बिजली खपत को कैलकुलेट करने के लिए उसनी टनेज को 1000 से भाग करते हैं. यानी 1000/1000, इसका नतीजा आएगा 1. जिसका मतलब है आपका एसी एक घंटे में एक यूनिट बिजली की खपत करता है.
लाइफस्टाइल से भी जुड़ेगा खर्च
अब देखने वाली बात यह है कि आप एसी को कितना चलाते हैं. यह हर इंसान के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है. लेकिन ऊपर वाले उदाहरण को लेते हुए चले, और माने कि वह एसी एक दिन में 8 घंटे चलता है. तो दिन के 8 यूनिट हो जाते हैं. इसी मैथ्स के साथ यह कैलकुलेशन 30 की 240 यूनिट हो जाती है.
राज्य की बिजली दर
अब बात आती है कि आपके राज्य में बिजली कितनी महंगी और कितनी सस्ती है. हो सकता है आपके राज्य में प्रति यूनिट दर 7,8 या 9 रुपए हो. ऊपर वाले उदाहरण को लेकर चलते हुए मानते हैं कि राज्य में बिजली दर 8 रुपए प्रति यूनिट है. तो यहां एक महीने की बिजली खपत का बिल 1920 रुपए होता है. अब मान लेते हैं कि आप 4 महीने तक सीजन में एसी को चलाते हैं. तो चार महीने का कुल बिल बैठ जाता है करीब 7680 रुपए.
जुड़ेगी एसी की मेंटेनेंस भी
किसी भी सीजन में आप एसी को चलाने से पहले सर्विस करवाते हैं, और सीजन खत्म होने पर उसकी सर्विस कर उसे बंद करते हैं. एक सर्विस का चार्ज हर जगह अलग होता है. पर हम मान लेते हैं कि सर्विस चार्ज 1000 रुपए है. तो यहां दो सर्विस का कुल चार्ज हो जाता है 2000 रुपए. ऊपर वाले उदाहरण में इन पैसों को जोड़ दें तो कुल अमाउंट बन जाता है 9680 रुपए.
लेकिन बात केवल एसी की सर्विस तक ही नहीं रुकती. कई बार एसी खराब भी हो जाता है. तो कभी गैस लीक हो जाती है. या फिर कोई कलपुर्जा भी खराब हो सकता है. ऐसे में अगर गैस रिफिल, जो आमतौर पर जरूरी होती है, उसकी बात करें तो वह रफली 3000 की पड़ती है. यानी अगर सर्विस के अलावा बाकी सीजन के दौरान होने वाली सभी मेंटेनेंस को 3000 रुपए के तौर पर जोड़ें, तो कुल अमाउंट 12680 रुपए बैठ जाता है.
जिस हिसाब के हमने कैलकुलेशन की है, वह बहुत ही बेसिक कैलकुलेशन है. रियल-टाइम में यह इससे भी ज्यादा हो सकती है. साथ ही हमने केवल 1 टन वाले एसी की कैलकुलेशन की है. 1.5-2 टन वाले एसी का खर्च इससे भी ज्यादा पहुंच सकता है.