भारत में दाल सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की डाली का एक अहम हिस्सा है. स्वाद के साथ-साथ यह प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स भी मानी जाती है. लेकिन अक्सर लोग इस बात से परेशान रहते हैं कि कुकर में दाल या तो ठीक से गलती नहीं या फिर ज़्यादा पककर बिल्कुल पेस्ट जैसी हो जाती है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो आपको सही पकाने का तरीका जानना ज़रूरी है. साथ ही हर दाल को पकाने का तरीका भी अलग होता है. कोई जल्दी गलती है तो कोई देर से. ऐसे में जानना जरूरी है कि किस दाल में कितनी सीटी लगाए.
अरहर दाल के लिए कितनी सीटी जरूरी
अरहर की दाल घरों में सबसे ज्यादा बनाई जाती है. साथ ही लोग इसे चावल के साथ बड़े शौक के साथ खाते हैं. साथ में अचार भी हो तो क्या बात है. इस दाल को बनाने से सबसे पहले 15–20 मिनट तक पानी में भिगोना बेहतर रहता है, जिससे यह जल्दी और आसानी के साथ पकती है.
अगर दाल भिगोई हुई है, तो यह 2 से 3 सीटी में आराम से पक जाती है. लेकिन याद रखें कि पहली सीटी तेज आंच पर आए, फिर गैस धीमी कर दें और 1–2 सीटी और लगने दें. इससे दाल अंदर तक अच्छी तरह गल जाएगी और स्वाद में भी शानदार हो जाएगी.
जल्दी पकने वाली हल्की और टेस्टी मूंग दाल
मूंग दाल सबसे जल्दी पकने वाली दालों में से एक है और इसे ज्यादा सीटी की जरूरत नहीं होती. अगर इसे ज्यादा देर पकाया जाए, तो यह तुरंत एक गाढ़े पेस्ट में बदल जाती है. इसे पकाने के दौरान केवल 1 से 2 सीटी लगाना ही काफी होता है. इसे पकाते समय जब एक सीटी लग जाए, तो दूसरी सीटी आने से ठीक पहले गैस बंद कर दें. इसके बाद कुकर के अंदर मौजूद भाप से यह आसानी के गल जाएगी. साथ ही पेस्ट में नहीं बदलेगी.
बनावट में थोड़ी सख्त, लेकिन स्वाद में भरपूर है चना दाल
चना दाल को पकाने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है क्योंकि यह थोड़ी सख्त होती है. इसे बिना भिगोए पकाना ठीक नहीं. भिगोने से यह काफी हद तक थोड़ी मुलायम हो जाती है. जिससे इसे कम सीटी में पकाया जा सकता है. इसे सीटी लगाने से पहले कम से कम 1 घंटे तक भिगोए. इसके बाद इसे मीडियम फ्लेम पर 4 से 5 सीटी लगने तक पकाएं.