सुबह के समय कई लोगों के लिए किसी मुश्किल से कम नहीं होता है. कई लोगों के साथ होता है कि वह अलर्म लगा कर सोते, लेकिन सुबह जब वह बजता है, तो उसे बंद तक दोबारा सो जाते हैं. तो कुछ लोगों में ऐसी आदत होती है कि वह एक-दो नहीं बल्कि 5-6 अलर्म लगा देते हैं. उन्हें डर सताता रहता है कि वह एक अलर्म से शायद न उठ पाएं.
लेकिन सवाल उठता है कि क्या वाकई आपको सुबह जागने के लिए 5-6 अलर्म की जरूरत है? अगर आपका जवाब हां है, तो आपको कुछ आसान तरीके बताते हैं, जिन्हें अपनी आदत बना आप आराम से एक अलार्म से उठ सकेंगे.
अगर अलार्म बंद करने के लिए आपका हाथ फोन तक आसानी से पहुंच जाता है, तो उसे बंद करके दोबारा सोना आसान होता है. इसलिए फोन को अपने तकिए के पास रखने के बजाय कमरे में थोड़ी दूर रखें. ऐसी जगह रखें जहां अलार्म बंद करने के लिए आपको बिस्तर से उठना पड़े. उठने के बाद तुरंत कमरे की लाइट जला दें या पर्दे खोल दें. इससे दोबारा सोने की इच्छा कम हो सकती है.
अगर आप सूरज निकलने से पहले उठना चाहते हैं, तो ऐसे लैंप या अलार्म का इस्तेमाल करें, जो आपके उठने के समय कमरे में रोशनी करने लग जाए. यदि सूरज निकल चुका है, तो फौरन पर्दे खोल दें. इसका फायदा यह होता है कि आप रोशनी में सोते नहीं हैं और उठना आसान हो जाता है.
अगर आपकी आदत बार-बार अलार्म को स्नूज करने की है, तो अलार्म को ऐसी जगह रखें जहां उसे बंद करने के लिए आपको चलकर जाना पड़े. जैसे फोन को दूर किसी टेबल या किसी चीज़ पर रख दें. इससे आप जब उसे स्नूज करना चाहेंगे, तो आपको उठकर जाना ही पड़ेगा. इसका मकसद खुद को परेशान करना नहीं, बल्कि नींद में अलार्म बंद करने की आदत को तोड़ना है.
अगर आपको रोज कई अलार्म लगाने पड़ते हैं तो हो सकता है कि आप जरूरत के हिसाब से नींद नहीं ले रहे हों. सिर्फ अलार्म बढ़ाने से परेशानी दूर नहीं होगी. अपने उठने का समय तय करें और जरूरत के अनुसार रात को थोड़ा जल्दी सोने की कोशिश करें. अच्छी नींद और सही समय पर सोने की आदत सुबह उठना आसान बना सकती है.