Hibiscus Plant Care: गुड़हल में नहीं आ रहे फूल? ये देसी नुस्खा करेगा कमाल, हर ब्रांच पर खिलेंगे सैकड़ों फूल

अगर आपका गुड़हल का पौधा सिर्फ पत्तियां दे रहा है, कलियां बनकर गिर रही हैं या फूल कम आ रहे हैं, तो एक आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप गुड़हल में जबरदस्त फ्लावरिंग पा सकते हैं.

Hibiscus Plant Care
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:06 PM IST
  • गुड़हल की हर डाली पर खिलेंगे फूल
  • कैसे बनाएं फिटकरी का घोल?

मार्च का महीना शुरू होते ही पौधों में बहार लौट आती है लेकिन अगर आपके घर में लगा गुड़हल का पौधा हरा-भरा होने के बावजूद फूल नहीं दे रहा, या कलियां बनकर पीली पड़ जाती हैं और गिर जाती हैं, तो चिंता की जरूरत नहीं. बिना बाजार से महंगी खाद खरीदे भी आप गुड़हल में जबरदस्त फ्लावरिंग ले सकते हैं. इसके लिए आपको चाहिए सिर्फ एक चम्मच फिटकरी.

गर्मियों की शुरुआत से पहले गुड़हल को सही पोषण और मिट्टी का संतुलन मिल जाए, तो एक ही ब्रांच पर कई-कई फूल आ सकते हैं.

क्यों गिर जाती हैं कलियां?

गुड़हल में कलियां बनकर पीली पड़ने और गिरने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी, ज्यादा या कम पानी, मिट्टी का पीएच संतुलन बिगड़ना या फिर जड़ों में कीड़े या फंगल समस्या. अगर पत्तियां अच्छी आ रही हैं, लेकिन फूल नहीं बन रहे, तो समझ लीजिए कि पौधे में पोटाश की कमी है.

कैसे बनाएं फिटकरी का घोल?

  • फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा लें.

  • उसे कूटकर या पीसकर पाउडर बना लें.

  • अगर नापकर बनाना है तो लगभग एक चौथाई चम्मच फिटकरी पाउडर लें.

  • इसे 1 से 1.5 लीटर पानी में अच्छी तरह घोल लें.

  • घोलने के बाद पानी का रंग हल्का दुधिया हो जाएगा. यही आपका तैयार घोल है.

गुड़हल के पौधे में कैसे डालें?

  • पहले पौधे की मिट्टी को हल्का सूखने दें.

  • जब मिट्टी ऊपर से सूखी लगे, तब गुड़ाई (मिट्टी को हल्का ढीला करना) करें.

  • अब तैयार किया हुआ फिटकरी वाला पूरा पानी धीरे-धीरे जड़ों में डाल दें.

  • इसके बाद जब तक मिट्टी दोबारा सूख न जाए, तब तक साधारण पानी न डालें.

  • इस प्रक्रिया को महीने में एक बार करना काफी है. ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल न करें.

फिटकरी का पानी क्या काम करता है?
1. कीड़ों से बचाव: फिटकरी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो मिट्टी में मौजूद हानिकारक कीड़ों और फंगस को कम करने में मदद करते हैं.

2. पोटाश मिलेगा: फिटकरी में पोटाश तत्व पाया जाता है, जो फूल बनने में अहम भूमिका निभाता है. पोटाश से पौधे की ऊर्जा बढ़ती है और कलियां मजबूत बनती हैं.

3. मिट्टी को बनाता है हल्का एसिडिक: गुड़हल को हल्की अम्लीय (एसिडिक) मिट्टी पसंद होती है. फिटकरी मिट्टी के पीएच को संतुलित करने में मदद करती है, जिससे पौधा पोषक तत्व बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है.

ध्यान रखें ये बातें

  • फिटकरी की मात्रा ज्यादा न डालें, वरना जड़ों को नुकसान हो सकता है.

  • बहुत छोटे या कमजोर पौधों में कम मात्रा में प्रयोग करें.

  • लगातार हर हफ्ते इस्तेमाल न करें.

 

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