गर्मी के मौसम में खीरा सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली फल-सब्जियों में से एक है. सलाद, रायता और डिटॉक्स ड्रिंक में इस्तेमाल होने वाला खीरा शरीर को ठंडक देने के साथ हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है. अच्छी बात यह है कि अब ताजा और ऑर्गेनिक खीरा पाने के लिए खेत की जरूरत नहीं है. थोड़ी सी जगह और सही देखभाल के साथ आप अपने घर की छत, बालकनी या आंगन में आसानी से खीरा उगा सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कैसे.
खीरा लगाने का सही समय और स्थान
खीरे का पौधा गर्म मौसम में तेजी से बढ़ता है. इसकी बुवाई के लिए फरवरी से अप्रैल और जून से जुलाई का समय सबसे बढ़िया माना जाता है. पौधे को अच्छी वृद्धि के लिए रोजाना 6 से 8 घंटे धूप की जरूरत होती है. इसलिए ऐसी जगह का चयन करें जहां पर्याप्त धूप आती हो. खीरा लगाने के लिए 12 से 15 इंच गहरे गमले या ग्रो बैग का इस्तेमाल किया जा सकता है.
उपजाऊ मिट्टी बनाएं
खीरे की फसल काफी हद तक मिट्टी की गुणवत्ता पर निर्भर करती है. इसके लिए गार्डन मिट्टी, गोबर का खाद और कोकोपीट को बराबर मात्रा में मिलाकर मिश्रण तैयार करें. यह मिश्रण पौधे की जड़ों को मजबूत बनाता है और नमी को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है. बीज को लगभग एक इंच गहराई में बोकर ऊपर से हल्की मिट्टी डाल दें.
नियमित देखभाल है जरूरी
खीरे के पौधे को नियमित पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन अधिक पानी देने से जड़ें खराब हो सकती हैं. गर्मियों में मिट्टी सूखने पर सुबह या शाम पानी देना बेहतर रहता है. चूंकि खीरा बेल वाला पौधा है, इसलिए इसे बढ़ने के लिए जाली या रस्सी का सहारा देना चाहिए. हर 15 दिन में वर्मीकम्पोस्ट या जैविक खाद डालने से पौधे की वृद्धि तेज होती है और फल अधिक लगते हैं.
कीटों और बीमारियों से ऐसे करें बचाव
खीरे के पौधों पर अक्सर एफिड्स, सफेद मक्खी और फफूंदी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं. इनसे बचाव के लिए नीम के तेल का घोल छिड़कना एक प्रभावी और प्राकृतिक उपाय माना जाता है. नियमित रूप से पौधों का निरीक्षण करने से कीटों की पहचान समय रहते हो जाती है और नुकसान कम होता है.
45 से 60 दिन में शुरू हो जाती है तुड़ाई
बीज लगाने के करीब 45 से 60 दिन बाद खीरे की तुड़ाई शुरू हो जाती है. जब फल हरे, चमकदार और सही आकार के दिखाई दें, तब उन्हें तोड़ लेना चाहिए. समय-समय पर तुड़ाई करने से पौधा लगातार नए फूल और फल देता रहता है. इसी वजह से एक स्वस्थ पौधा कई हफ्तों तक अच्छी पैदावार दे सकता है.
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