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गर्मी में पुदीने की अच्छी ग्रोथ और पत्तियों में खुशबू के लिए डालें ये चीज

Pudina Care Tips: पुदीना आमतौर पर धूप पसंद करने वाला पौधा है, लेकिन तेज गर्मी में इसे पूरे दिन धूप में रखना नुकसानदायक हो सकता है. मई-जून में जब तापमान 40-45 डिग्री तक पहुंचता है, तब पुदीने को सिर्फ सुबह की 3-4 घंटे की हल्की धूप ही दें.

Pudina Care Tips
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:01 PM IST
  • गर्मी में पुदीना को हरा-भरा कैसे बनाएं
  • पुदीना के लिए कौन-सी खाद है बेहतर

गर्मी का मौसम शुरू होते ही घरों में लगे पुदीने के पौधे अक्सर मुरझाने लगते हैं. पत्तियां पीली पड़ना, ग्रोथ रुकना और पौधे का सूखना आम समस्या बन जाती है. लेकिन घरेलू उपाय अपनाकर आप पूरे मई-जून की तेज गर्मी में भी अपने पुदीने को हरा-भरा और घना बनाए रख सकते हैं.

पुदीना को धूप पसंद होती है
पुदीना आमतौर पर धूप पसंद करने वाला पौधा है, लेकिन तेज गर्मी में इसे पूरे दिन धूप में रखना नुकसानदायक हो सकता है. मई-जून में जब तापमान 40-45 डिग्री तक पहुंचता है, तब पुदीने को सिर्फ सुबह की 3-4 घंटे की हल्की धूप ही दें. ज्यादा धूप में रखने से पत्तियां जलने लगती हैं और उनकी खुशबू भी कम हो जाती है.

गमले की मिट्टी हो हल्की और पानी न रुके
पुदीने की अच्छी ग्रोथ के लिए मिट्टी का सही होना बेहद जरूरी है. मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जिसमें पानी रुके नहीं और भुरभुरी हो. इस तरह की मिट्टी में जड़ें आसानी से फैलती हैं और पौधा तेजी से बढ़ता है.

पौधे को घना बनाने के लिए करें पिंचिंग
अगर आप चाहते हैं कि पुदीना घना और झाड़ीदार बने, तो हर 15 दिन में एक बार पिंचिंग जरूर करें. पत्तियों के पास से डंठल को हल्का सा तोड़ने पर वहां से नई शाखाएं निकलती हैं. इससे पौधा तेजी से फैलता है और नई पत्तियां बड़ी व खुशबूदार होती हैं.

ऑर्गेनिक खाद का करें इस्तेमाल
पुदीने की पत्तियों का सीधे सेवन किया जाता है, इसलिए इसमें केमिकल फर्टिलाइजर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. हमेशा ऑर्गेनिक खाद ही दें, जिससे पौधा सुरक्षित और हेल्दी बना रहे.

खीरे के छिलकों से बनाएं ठंडी खाद
गर्मियों में पुदीने के लिए खीरे के छिलकों से बनी लिक्विड फर्टिलाइजर बेहद फायदेमंद होती है.

कैसे बनाएं-

  • 2 खीरे के छिलके लें (सूखे या ताजे).

  • 1 लीटर पानी में 24 घंटे के लिए भिगो दें.

  • अगले दिन इसे छानकर पौधे में डालें.

इसमें मौजूद विटामिन C, A, K, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट पौधे की जड़ों को ठंडक देते हैं और रोगों से बचाते हैं.

चाय की पत्ती या वर्मीकम्पोस्ट का उपयोग करें
आप इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती या वर्मीकम्पोस्ट डाल सकते हैं. इसमें नाइट्रोजन होता है जिससे पत्तियां हरी रहती हैं, टैनिन एसिड से बीमारी नहीं लगती, मिट्टी भुरभुरी रहती है और जड़ों को ऑक्सीजन मिलती है.

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