गर्मी में पौधों को झुलसने से बचाएगी ये ठंडी खाद, मरते पौधे भी हो जाएंगे हरे-भरे

Cool Liquid Fertilizer: यह खाद खासतौर पर गर्मियों के लिए तैयार की जाती है, जो पौधों को पोषण देने के साथ-साथ उन्हें ठंडक भी पहुंचाती है. इसे सब्जियों, फूलों और फलदार सभी तरह के पौधों में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह पूरी तरह नेचुरल है और घर में मौजूद चीजों से बन जाती है.

liquid fertilizer for plants
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:55 AM IST

गर्मी में अक्सर पौधे मुरझाने लगते हैं. हम समय पर पानी तो देते हैं, लेकिन उनकी ग्रोथ रुक जाती है और कई बार वे फल-फूल भी नहीं देते. तेज धूप और बढ़ते तापमान का सीधा असर पौधों पर पड़ता है, जिससे पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और पौधे कमजोर हो जाते हैं. ऐसे में ठंडी लिक्विड खाद पौधों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है, जिसे आप घर पर ही आसानी से तैयार कर सकते हैं.

यह खाद खासतौर पर गर्मियों के लिए तैयार की जाती है, जो पौधों को पोषण देने के साथ-साथ उन्हें ठंडक भी पहुंचाती है. इसे सब्जियों, फूलों और फलदार सभी तरह के पौधों में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह पूरी तरह नेचुरल है और घर में मौजूद चीजों से बन जाती है.

5 चीजों से तैयार होती है यह खास खाद

  • इस लिक्विड खाद को बनाने के लिए गोबर की खाद, इस्तेमाल की हुई चायपत्ती, राख, नीम खली और एप्सम सॉल्ट का इस्तेमाल किया जाता है. 

  • सबसे पहले एक बाल्टी में 2 लीटर पानी लें. अब इसमें 1 से 1.5 किलो गोबर की खाद मिलाएं. गोबर की खाद पौधों के लिए बेहद पोषक होती है और इसमें मौजूद माइक्रोब्स मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं.

  • इसके बाद 50 से 100 ग्राम सूखी इस्तेमाल की हुई चायपत्ती मिलाएं. चायपत्ती में नाइट्रोजन होता है, जो पौधों की ग्रोथ को तेज करता है.

  • अब इसमें करीब दो मुट्ठी यानी लगभग 100 ग्राम राख डालें. राख में पोटाश होता है और यह पौधों को ठंडक देने का काम करती है, जो गर्मियों में बेहद जरूरी है.

  • इसके बाद 100 से 150 ग्राम नीम खली मिलाएं. इसमें एंटीफंगल गुण होते हैं, जो पौधों को जड़ से होने वाली बीमारियों और फंगस से बचाते हैं.

  • आखिर में 1 से 2 चम्मच एप्सम सॉल्ट मिलाएं. इसमें मैग्नीशियम और सल्फर होता है, जो पत्तियों को हरा-भरा बनाने और फोटोसिंथेसिस को बेहतर करने में मदद करता है.

  • सभी चीजों को मिलाने के बाद इसे ढककर किसी छायादार जगह पर रख दें.

  • करीब 10 से 12 घंटे बाद इस घोल को लकड़ी की मदद से अच्छे से चलाएं, ताकि सभी पोषक तत्व अच्छी तरह मिल जाएं. इसके बाद इसे फिर से ढककर 24 से 48 घंटे के लिए छोड़ दें. बीच-बीच में इसे चलाते रहें.

  • जब पानी का रंग बदलने लगे, तो समझिए कि खाद तैयार हो रही है और पोषक तत्व पानी में घुल चुके हैं. ध्यान रखें कि इसे 48 घंटे के अंदर ही इस्तेमाल करना बेहतर होता है, वरना इसमें ज्यादा बदबू आने लगती है.

  • इसके बाद इसे पानी में मिलाकर पतला करना जरूरी है. एक हिस्सा खाद और पांच हिस्सा पानी मिलाएं. उदाहरण के तौर पर 1 लीटर खाद में 4 लीटर पानी मिलाकर 5 लीटर घोल तैयार करें.

पौधों में ऐसे करें इस्तेमाल

तैयार घोल को आप सीधे पौधों की मिट्टी में डाल सकते हैं. यह खाद पौधों की जड़ों तक पोषण पहुंचाती है, जिससे उनकी ग्रोथ तेजी से होती है.

अगर पौधों की पत्तियां पीली पड़ रही हैं या पौधे सूखने लगे हैं, तो यह खाद उन्हें फिर से हरा-भरा बनाने में मदद करती है.

 

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