चावल की कांजी एक पुरानी और पारंपरिक इंडियन डिश है, जिसे आज के समय में सेहत के लिए सुपर फूड माना जा रहा है. इसे अक्सर 'पाखला भात' या 'पझय सादम' के नाम से भी जाना जाता है. यह पाचन एंजाइमों को बढ़ाकर पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है. जिसे पीने से आपकी गट हेल्थ एकदम चकाचक हो जाएगी. तो चलिए आपको बताते हैं घर पर चावल की कांजी बनाने की रेसिपी के बारे में.
चावल की कांजी के फायदे
चावल की कांजी आंतों के स्वास्थ्य को सुधारने, पाचन शक्ति बढ़ाने और शरीर को ठंडक देने के लिए बेहद फायदेमंद है. यह कब्ज, एसिडिटी, गैस और डायरिया से राहत दिलाता है. गर्मियों में यह पेट की जलन और डिहाइड्रेशन से तुरंत राहत देता है. यह विटामिन बी12 की कमी को पूरा करने और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रदान करने में मदद करता है. यह शरीर को टॉक्सिन्स से मुक्त (detox) करता है, जिससे त्वचा में चमक आती है और बालों को पोषण मिलता है. यह कार्बोहाइड्रेट्स और इलेक्ट्रोलाइट्स प्रदान करता है, जो थकान और कमजोरी को दूर कर तुरंत एनर्जी देता है.
चावल की कांजी बनाने की विधि
चावल की कांजी बनाने के लिए रात के बचे हुए सादे पके चावल लें और मिट्टी या कांच के कटोरे में चावल डालें और उसमें इतना पानी भर दें कि चावल पूरी तरह डूब जाएं. इसे रातभर के लिए ढककर छोड़ दें. ये फर्मेंटेशन की प्रक्रिया होती है, जिससे इसमें हेल्दी बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं जो पाचन के लिए बहुत अच्छे होते हैं.
सुबह के समय, भीगे हुए चावलों में ताजा गाढ़ा दही मिलाएं. इसे हाथों से या चम्मच से थोड़ा मैश कर लें ताकि चावल और दही एकसार हो जाएं.
अब इसमें बारीक कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च मिलाएं. अगर आपको धनिया पसंद है, तो खूब सारा ताजा कटा हरा धनिया इसमें डालें. आखिरी में स्वाद के अनुसार नमक डालकर इसे अच्छी तरह मिला लें.
अब एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें. इसमें जीरा और राई डालें. जब राई चटकने लगे, तब इसमें मुट्ठी भर कच्ची मूंगफली डालें और उसे कुरकुरा होने तक भूनें. मूंगफली का सोंधापन और राई की खुशबू इस ठंडी कांजी को एक शाही स्वाद देती है.
आपका चावल का कांजी तैयार है इसे हमेशा ठंडा ही परोसें. इसके साथ आप चाहें तो थोड़ा सा आम का अचार या तली हुई सूखी मिर्च भी ले सकते हैं.
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