मोरिंगा यानी सहजन की फली आमतौर पर बच्चे पसंद नहीं करते, लेकिन अगर यह सब्जी थोड़े अलग और स्वादिष्ट तरीके से बनाई जाए तो हर कोई उंगलियां चाटकर इस सब्जी को खाएगा. यह रेसिपी घर पर बनाने में बिल्कुल आसान है. आइए इस पौष्टिक और लजीजी डिश को बनाने की पूरा तरीका आसानी से समझें.
सबसे पहले तैयार करें मसाले का पेस्ट
इस रेसिपी का स्वाद इसकी बेसिक पेस्ट से ही निखरता है. पेस्ट तैयार करने के लिए आपको चाहिए-
मुंगफली- आधी कटोरी
लहसुन- चार से पांच
हरी मिर्च- दो
इन तीनों को मिक्सी में एक साथ पीसकर एक स्मूद पेस्ट बना लें. यह पेस्ट न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है बल्कि सब्जी को गाढ़ापन भी देता है.
सब्जी बनाने के लिए आपको चाहिए-
इसके बाद आप टमाटर, आलू और मोरिंगा (सहजन की फली) को काट और छिल कर अच्छे से तैयार कर लें. मोरिंगा पतला वाला लेंगे तो टेस्ट और अच्छा आएगा.
सबसे पहले कढ़ाई में थोड़ा तेल गर्म करें और कटे हुए आलू डालकर फ्राय करें. ध्यान रखें कि आलू सुनहरे यानी गोल्डन रंग के हो जाएं. इससे सब्जी में एक अच्छा टेक्सचर आता है और आलू आधे पक भी जाते हैं.
आलू के बाद मोरिंगा को भूनें
जब आलू गोल्डन हो जाएं, तब उसी कढ़ाई में मोरिंगा डालें. इसे भी हल्का-सा फ्राय करना जरूरी है ताकि मोरिंगा से कच्ची गंध हट जाए और सब्जी का स्वाद निखर आए. मोरिंगा को ज्यादा देर भूनने की जरूरत नहीं होती, बस 2-3 मिनट काफी हैं.
अब डालें तैयार किया हुआ पेस्ट
इसके बाद मुंगफली, लहसुन, हरी मिर्च वाला पेस्ट उसी कढ़ाई में डालें और चलाते हुए भूनें. यह स्टेप बहुत जरूरी है क्योंकि पेस्ट को अच्छे से रोस्ट करने से उसका कच्चापन निकल जाता है और सब्जी का फ्लेवर और भी बेहतर हो जाता है.
इसके बाद अब हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालें. धीमी से मध्यम आंच पर इन मसालों को भूनें ताकि ये चिपके नहीं. तेल मसालों से अलग होने लगे, बस समझिए कि मसाला तैयार ग्रेवी बनने के लिए.
पानी और टमाटर डालकर पकाए
अब कढ़ाई में थोड़ा पानी डालें. इसके बाद बारीक कटे हुए टमाटर डालें जिससे सब्जी में हल्की खटास और अच्छा स्वाद आ जाए. अब कढ़ाई को ढक दें और सब्जी को मध्यम आंच पर कुछ देर पकने दें.
जब आलू गल जाए, तब सब्जी तैयार है
सब्जी को तब तक पकाएं जब तक आलू पूरी तरह से नर्म न हो जाएं. आलू गलते ही गैस बंद कर दें. अब यह स्वादिष्ट और पौष्टिक मोरिंगा सब्जी तैयार है.
यह इतनी टेस्टी सब्जी होती है कि बच्चे भी इसे शौक से खाना पसंद करते हैं.
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