पनीर प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता है और यह खासतौर पर शाकाहारी लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होता है. लेकिन बाजार में मिलावटी पनीर की बढ़ती शिकायतों के कारण अब कई लोग घर पर ही पनीर बनाना पसंद कर रहे हैं. हालांकि, अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि घर का बना पनीर मुलायम होने के बजाय सख्त और रबड़ जैसा हो जाता है. यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो कुछ आसान टिप्स अपनाकर घर पर बिल्कुल नरम और स्वादिष्ट पनीर तैयार कर सकते हैं.
क्यों सख्त हो जाता है पनीर?
दरअसल, पनीर के सख्त होने के पीछे दो मुख्य कारण होते हैं. पहला, दूध फटने के बाद उसे जरूरत से ज्यादा गर्म करना और दूसरा, पनीर को लंबे समय तक भारी वजन के नीचे दबाकर रखना. इन दोनों वजहों से पनीर की नमी खत्म हो जाती है और उसकी बनावट खराब हो जाती है.
दूध फाड़ते समय रखें यह सावधानी
पनीर बनाने के लिए दूध में नींबू का रस या सिरका डालते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. इसे एक बार में डालने की बजाय एक-एक चम्मच करके डालें और धीरे-धीरे चलाएं. जैसे ही दूध पूरी तरह फट जाए और मट्ठा हल्के हरे रंग का दिखाई देने लगे, तुरंत नींबू या सिरका डालना बंद कर दें.
दूध फटने के बाद ज्यादा न उबालें
कई लोग दूध फटने के बाद भी उसे लगातार उबालते रहते हैं, जिससे पनीर सख्त हो जाता है. जैसे ही साफ मट्ठा दिखाई दे, गैस बंद कर दें. इससे पनीर की बनावट मुलायम बनी रहती है.
ठंडे पानी का करें इस्तेमाल
पनीर को छानने के बाद उसके दानों पर 15 से 30 सेकंड तक ठंडा पानी डालें. इससे पकने की प्रक्रिया तुरंत रुक जाती है और पनीर नरम बना रहता है. साथ ही नींबू या सिरके का स्वाद भी निकल जाता है.
जरूरत से ज्यादा न दबाएं
अगर पनीर भुर्जी या सलाद के लिए बना रहे हैं, तो उसे 15 से 20 मिनट तक दबाना पर्याप्त है. वहीं पालक पनीर या शाही पनीर जैसी सब्जियों के लिए 30 से 40 मिनट तक दबाना काफी होता है. टिक्का या कबाब के लिए इसे थोड़ा ज्यादा समय तक दबाया जा सकता है, लेकिन 50 मिनट से अधिक नहीं. इससे ज्यादा देर तक दबाने पर पनीर कड़ा हो जाता है.
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