लोगों को घर में सब्जियां उगाने का शौक तो होता है, लेकिन कई बार सही तरीके की जानकारी न होने की वजह से पौधे अच्छे से ग्रो नहीं कर पाते. बार-बार मिट्टी में खाद डालने के लिए बाजार से अलग से खाद मंगवानी पड़ती है, लेकिन अगर मिट्टी का मिश्रण सही हो तो गार्डनिंग का काम काफी आसान हो सकता है. आज हम आपको घर पर ऐसी नेचुरल मिट्टी तैयार करने का तरीका बताएंगे, जिसमें सब्जियां बिना बार-बार बाजार की खाद डालने के भी अच्छी तरह ग्रो करती हैं. इस मिट्टी को तैयार करने में घर पर आसानी से मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पौधों को जरूरी पोषण मिलता है और वे नेचुरल तरीके से बढ़ते हैं.
दरअसल, पौधा कितना अच्छा बढ़ेगा, इसमें मिट्टी की बहुत बड़ी भूमिका होती है. अगर मिट्टी का मिश्रण सही रखा जाए और उसमें घर की चीजों का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो न सिर्फ पौधों की ग्रोथ बेहतर हो सकती है, बल्कि घर पर उगाई गई सब्जियां भी ताजी और स्वादिष्ट मिलती हैं.
ऐसे तैयार करें मिट्टी का मिश्रण
सब्जियां उगाने के लिए मिट्टी तैयार करते समय एक आसान मिश्रण बनाया जा सकता है. इसके लिए 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी लें, इसमें 30 प्रतिशत कोकोपीट या गोबर की खाद मिला दें. गोबर की खाद की जगह घर में तैयार की गई कंपोस्ट भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके बाद बाकी 20 प्रतिशत हिस्सा रिवर सैंड यानी बालू का रखें. मिट्टी में ऑर्गेनिक मैटर मिलाने से पौधों के लिए हवा, पानी और पोषक तत्वों की उपलब्धता बेहतर हो जाती है.
गमले में पानी रुकने न दें
मिट्टी तैयार करने के साथ गमले की ड्रेनेज भी देखना जरूरी है. गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद यानी सुराख जरूर रखें. इन छेदों के ऊपर एक छोटा ठीकरा रख दें, ताकि मिट्टी आसानी से बाहर न निकले और अतिरिक्त पानी निकलता रहे. गमले में जरूरत से ज्यादा पानी जमा रहना पौधों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है.
अंडे के छिलके आएंगे काम
घर में इस्तेमाल होने वाले अंडों के छिलकों को फेंकने के बजाय गार्डनिंग में इस्तेमाल करें. इसके लिए छिलकों को पहले अच्छी तरह सुखाएं और फिर उन्हें बारीक पीसकर पाउडर बना लें. इस पाउडर को मिट्टी की ऊपरी परत में मिला सकते हैं. खासकर टमाटर और फूल वाले पौधों के लिए इसे कैल्शियम बूस्ट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि अंडे के छिलकों से मिलने वाला कैल्शियम तुरंत उपलब्ध नहीं होता, क्योंकि उन्हें मिट्टी में टूटने में समय लगता है.
चायपत्ती भी फेंकने की जरूरत नहीं
इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को भी पौधों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. पहले चायपत्ती को अच्छी तरह धोकर सुखा लें और फिर हर हफ्ते करीब 1-2 चम्मच पौधों में डालें. यह घर पर मिलने वाली चीज को दोबारा इस्तेमाल करने का आसान तरीका है. हालांकि पौधों की पूरी पोषण जरूरत सिर्फ चायपत्ती से पूरी नहीं होती, इसलिए मिट्टी और पौधे की जरूरत के हिसाब से पोषण देना जरूरी है.
कीड़ों से बचाने के लिए नीम का इस्तेमाल
अगर पौधों पर कीड़े नजर आने लगें तो नीम के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए एक लीटर पानी में थोड़ा सा नीम का तेल और कुछ बूंदें डिश सोप या लिक्विड साबुन मिलाकर घोल तैयार करें और पौधों पर स्प्रे करें. नीम का तेल कुछ कीड़ों जैसे एफिड्स, थ्रिप्स और व्हाइटफ्लाइज के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे स्प्रे को पौधे के छोटे हिस्से पर पहले आजमाना बेहतर होगा. इस तरह मिट्टी तैयार करने और घर में मौजूद चीजों का सही इस्तेमाल करने से सब्जियों की गार्डनिंग को आसान बनाया जा सकता है.
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