भिंडी कई लोगों की पसंदीदा सब्जियों में से एक है. चाहे मसाला भिंडी हो या सिंपल भिंडी फ्राई, इसका स्वाद हर उम्र के लोगों को पसंद आता है. हालांकि, भिंडी बनाते समय इसकी चिपचिपाहट सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है. कई लोग इसे दूर करने के लिए ज्यादा तेल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अब एक साउथ इंडियन महिला ने ऐसा आसान और पारंपरिक नुस्खा बताया है, जिससे भिंडी बिना चिपचिपाहट के स्वादिष्ट और कुरकुरी बन सकती है. तो चलिए आपको बताते हैं इस नुस्खे के बारे में.
दही है भिंडी की चिपचिपाहट का आसान समाधान
भिंडी के अंदर एक प्राकृतिक चिपचिपा पदार्थ होता है, जिसे 'म्यूसिलेज' कहा जाता है. जब भिंडी को काटा या पकाया जाता है, तो यह बाहर निकलने लगता है. ऐसे में भिंडी बनाते समय थोड़ा सा दही मिलाने से उसका लिसलिसापन खत्म हो जाता है. यह दादी-नानी के समय से इस्तेमाल किया जाने वाला पारंपरिक तरीका है. जिससे भिंडी की चिपचिपाहट गायब हो जाती है. दही में मौजूद प्राकृतिक अम्लीय तत्व इस पदार्थ के साथ प्रतिक्रिया करते हैं और उसकी चिपचिपाहट को कम कर देते हैं. यही कारण है कि दही डालने के बाद भिंडी अधिक खिली-खिली और कुरकुरी बनती है.
स्वाद भी हो जाता है दोगुना
दही केवल चिपचिपाहट ही नहीं हटाता, बल्कि भिंडी के स्वाद को भी बेहतर बनाता है. दक्षिण भारतीय व्यंजनों में खटास के लिए दही और इमली का खूब इस्तेमाल किया जाता है.
दही डालने का सही तरीका
भिंडी डालते ही उसमें दही नहीं मिलाना चाहिए. पहले भिंडी को तेल और मसालों के साथ 4 से 5 मिनट तक मध्यम आंच पर भून लें. इसके बाद आंच धीमी करके 1 से 2 चम्मच फेंटा हुआ दही डालें. दही मिलाने के बाद लगातार चलाते रहें ताकि वह फटे नहीं. फिर भिंडी को अपनी पसंद के अनुसार कुरकुरी होने तक पकाएं. भिंडी में दही डालने की यह आसान ट्रिक आज भी उतनी ही कारगर है और स्वाद के साथ-साथ पकाने की प्रक्रिया को भी आसान बना देती है.
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